पिछले छह दिनों से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार शाम ताजेवाला से 41955 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि ओखला से यह जलराशि 292911 क्यूसेक रही। मथुरा के प्रयागघाट पर यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए 166.04 मीटर पर पहुंच गया। तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गोकुल बैराज के सभी 21 गेटों से 99119 क्सूसेक पानी आगरा की ओर छोड़ा गया है। विश्राम घाट का आरती स्थल जलमग्न हो गया है।
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Mathura News: घरों में भरा पानी
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यमुना का पानी मथुरा के गणेश टीला खादर एवं वृंदावन खादर में बनीं दो दर्जन से अधिक कॉलोनियों में घुस गया है। दर्जनों घरों को यमुना ने घेर लिया है। इसके बावजूद लोग घरो में जमे हुए हैं। वहीं सदर क्षेत्र में बाढ़पुरा और तिवारीपुरम एवं औरंगाबाद क्षेत्र में यमुना किनारे बनीं कॉलोनियों में बने घरों में यमुना का पानी घुस गया है। वृंदावन के पास बाबूगढ़, सेई और बसऊ गांव को भी यमुना के पानी ने घेर लिया है। बाढ़ चैकियों पर तैनात कर्मचारियों द्वारा गावों से लोगों का निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
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बाढ़ की आशंका के मद्देनजर लोग अपने घरों को छोड़कर सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। नगरनिगम द्वारा सुरक्षा की दृष्टिगत विश्रामघाट, बंगाली घाट समेट सभी घाटों पर बैरिकेडिंग एवं टिन लगाई गई। पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को घाटों और यमुना किनारे पर जाने से रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। इसके बावजूद विश्राम घाट पर श्रद्धालु यमुना में स्नान कर रहे हैं।
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वहीं महिलाएं एवं बच्चे यमुना का आचमन करते नजर आए। महापौर विनोद अग्रवाल ने पार्षदों के साथ जयसिंह पुरा खादर की कॉलोनियों का जायजा लिया। उन्होंने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। बहाव भी तेज है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।