वृंदावन। जिला प्रशासन मतदाता सूची का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगा रहा है। वहीं बीएलओ की ढिलाई और मतदाताओं की उदासीनता के कारण एसआईआर का कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है।
किराये के मकान में रह रहे लोगों द्वार भवन परिवर्तन के कारण एसआईआर फार्म तक नहीं मिल सकते हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के बीएलओ की जानकारी न होने के कारण वह फार्म के लिए नगर निगम और बूथ के चक्कर लगा रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सभी बूथों का एक केंद्रीय कार्यालय बनाया जाए, ताकि वहां से लोगों को अपने बूथ और बीएलओ से संपर्क हो सके। नगर में एसआईआर के कार्य में न सिर्फ 60 बीएलओ लगे हैं बल्कि नगर निगम के कर्मचारी, बिजली विभाग के लाइनमैन भी सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। एसडीएम लगातार कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और बीएलओ पर नजर बनाए हैं। इसके बावजूद एसआईआर फार्म का कार्य धीमी गति से चल रहा है। नगर में यह कार्य बीएलओ और अधिकारियों के लिए कठिनाई भरा साबित हो रहा है।
मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वर्तमान में धोबी गली निवासी बिजली देवी एसआईआर के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंचीं। यहां संतुष्टिपरक जवाब न मिलने पर वह अपने क्षेत्र के बीएलओ की तलाश कर रही हैं। उनका कहना है कि वह धोबी गली में रहती थीं, लेकिन वर्तमान में उन्होंने मकान बदल दिया। वह एसआईआर फार्म पाने के लिए दो दिनों से परेशान हैं। गढ़ेला बाग क्षेत्र निवासी स्मृति अपने दो बेटियों के साथ रहती थी। अब वह काशीराम आवासीय कालोनी में रहने लगी हैं। वह नगर निगम उसके बाद छबीले वल्लभ बूथ पर एसआईआर फार्म के लिए पहुंची, लेकिन यहां भी उन्हें फार्म नहीं मिला वह भी अपने बीएलओ की तलाश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को एक ऐसा केंद्रीय कार्यालय बनाना चाहिए, जहां सभी क्षेत्र की जानकारी और बीएलओ की जानकारी हो सके।
गोविंद घेरा निवासी पप्पू ने बताया कि उनके यहां एसआईआर फार्म देने बीएलओ नहीं पहुंचा। वह बीएलओ की तलाश कर रहे हैं। बीएलओ का फोन भी नहीं उठ रहा। एसडीएम अभिनव जैन ने बताया कि एसआईआर फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर है। इससे पहले सभी फार्म जमा होने हैं। लेकिन अभी तक 30 प्रतिशत ही फार्म जमा हो सके हैं।
दो एसआईआर फार्म न देकर बीएलओ घरों में पहुंचा रहे एक फार्म
व्यापारी नेता धनेंद्र अग्रवाल बॉबी ने बताया कि नियमानुसार बीएलओ को घरों तक एसआईआर के दो फार्म देने चाहिए। एक फार्म मतदाता को भरकर उस पर बीएलओ को हस्ताक्षर करना चाहिए। ऐसे में मतदाता के पास कोई प्रमाण नहीं है कि उसने एसआईआर फार्म भरा है। एसडीएम अभिनव जैन ने कहा कि लोगों को बीएलओ द्वारा दो फार्म देने हैं। एक फार्म बीएलओ को भरकर देना है दूसरा व्यक्ति के पास ही रहेगा।