मथुरा। शहर के बहुचर्चित लोटस गार्डन हत्याकांड में पुलिस और सीबीसीआईडी की विवेचना के बाद नया मोड़ आया है। जांच एजेंसी ने जिस युवक का नाम मुकदमे की विवेचना से अलग कर दिया था, उसे अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तलब किया है। मामले की सुनवाई एडीजे चतुर्थ अनुराग शर्मा की अदालत में चल रही है। अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी।
हाईवे थाना क्षेत्र के विकास नगर निवासी राहुल गोस्वामी 17 नवंबर 2024 को लोटस गार्डन में महाविद्या कॉलोनी निवासी अखिल पटना के रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गए थे। राहुल के पिता सत्यानंद गिरी ने आरोप लगाया था कि अखिल पटना ने अपने बेटे सक्षम को भेजकर राहुल को पार्किंग में बुलाया, जहां गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
तत्कालीन गोविंद नगर थाना प्रभारी देवपाल सिंह पुंडीर की विवेचना में अखिल पटना, उनके बेटे सक्षम के अलावा शुभम अग्रवाल, आकाश गुप्ता और संजय शर्मा के नाम सामने आए थे। बाद में उच्चाधिकारियों के आदेश पर जांच फिरोजाबाद क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। विवेचना में अखिल पटना, शुभम अग्रवाल और आकाश गुप्ता के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर आरोप-पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
इसके बाद मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई। सीबीसीआईडी ने विवेचना में पाया कि संजय शर्मा और सक्षम घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। दोनों के खिलाफ आरोपी साबित करने वाला पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उनके नाम विवेचना से अलग कर दिए गए। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने रिकॉर्ड में पाया कि राहुल को सक्षम ने फोन कर बुलाया था और घटना से पहले राहुल की अंतिम बातचीत भी सक्षम से हुई थी। एडीजीसी की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एडीजे चतुर्थ अनुराग शर्मा ने सक्षम को तलब किया है। अब मामले में 12 अक्तूबर को अगली सुनवाई होगी।