कोसीकलां। कोटवन औद्योगिक क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान आस्था के केंद्र शेड माता मंदिर का मुख्य मार्ग बंद किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन पर न्यायालय के स्थगन आदेश की अनदेखी करते हुए जबरन रास्ता बंद कर दीवार खड़ी कराने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक टीम ने मंदिर तक जाने वाले वर्षों पुराने मार्ग को बंद करा दिया है जबकि कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को न्यायालय के स्थगन आदेश की प्रति भी दिखाई गई लेकिन इसके बावजूद रास्ता बंद कर दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार शेड माता मंदिर कोटवन, नवीपुर, दहगांव, उमराला समेत छह गांवों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालु वर्षों से इसी मार्ग से मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन करते रहे हैं। रास्ता बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मंदिर का पुराना मार्ग बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में करण सिंह, गुलाब सिंह, विजय सिंह, चंद्रभान, अवतार प्रधान, गजेंद्र, ऋषिराज, भारत, ज्योति, शीला, कविता, सोनू, देवकी, लज्जावती आदि शामिल रहे। तहसीलदार सचिन पवार का कहना है कि मंदिर पर जाने के लिए चार रास्ते हैं ग्रामीण रास्ते की आड़ में जबरन कानून व्यवस्था को बिगड़ने की प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों को समझा शांत किया गया। संवाद