मथुरा। ५ दिसंबर १९१३ मेें एपी एक्सप्रेस में पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए शातिर हरेंद्र राणा को चार साल बाद गाजियाबाद पुलिस ने शनिवार को अदालत मेें पेश किया। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से वर्ष २०१८ के बाद उसे अदालत मेें पेश नहीं किया था। अभियुक्त की सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत मेें हुई।
आगरा पुलिस की अभिरक्षा से वर्ष २०१३ में भिंड निवासी हरेंद्र राणा और उसके साथी वीनेश को उसके साथियों ने पुलिस पर हमला कर छुड़ा लिया था। इस हमले में आगरा पुलिस के दीवान खालिक की मौत हो गई थी और पांच सिपाही गोली लगने से घायल हुए थे। आगरा पुलिस राणा और वीनेश को गाजियाबाद हत्या के मामले में अदालत में पेश करने के लिए लेकर गई थी।
इसी दौरान फरह और मथुरा जंक्शन के बीच उसके साथियों ने हमला बोल दिया। मथुरा के जीआरपी थाने में वारदात का मुकदमा दर्ज हुआ। अब इसकी सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत में चल रही है। शनिवार को सुनवाई के लिए गाजियाबाद पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच अभियुक्त को कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंची। एडीजीसी मुकेश गोस्वामी ने बताया कि अदालत ने अगली सुनवाई के लिए दो मई की तारीख तय की है।