मथुरा। सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान में मथुरा में 4284 बच्चों और 2310 गर्भवती महिलाओं को टीके लगाए गए। अभियान में तीन तरह के बच्चों को शामिल किया गया था। पहला लेफ्ट आउट, जिन बच्चों को एक भी टीका नहीं लगा है। दूसरा ड्राप आउट ऐसे बच्चे जिन्होंने एक या दो टीके लगवाने के बाद बीच में अन्य टीके नहीं लगवाए और तीसरा प्रतिरोधी किसी भ्रम अथवा डर के कारण टीका लगवाने से परहेज रखने वाले रखे गए।
तीसरे चरण में जन्म से लेकर दो वर्ष तक के छूटे हुए 4249 बच्चों और 2310 गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया था, जिसमें 4284 बच्चों एवं 2310 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया। अभियान के तहत चिन्हित ब्लॉकों में लक्षित 1012 सत्रों के सापेक्ष 1024 सत्र लगाए गए।
चिकित्सकों का कहना है कि इंद्रधनुष के सात रंगों को प्रदर्शित करने वाले इस मिशन का उद्देश्य है कि वर्ष 2020 तक सभी बच्चों का शत प्रतिशत टीकाकरण करना है जिन्हें टीके नहीं लगे हैं। इस अभियान का चौथा व अंतिम चरण दो मार्च से चलाया जाएगा। यह अभियान जिले के चिन्हित नगरीय इलाकों व ब्लॉक में चलाया जा रहा है।
इन बीमारियों को रोकना है
नवजात शिशुओं और बच्चों में होने वाली जानलेवा बीमारियों जैसे टीबी, हीमोफिलिस इंफ्ल्यूएंजॉ, निमोनिया, पोलियो, खसरा-बेला, रोटा वायरस, डिप्थीरिया, टिटनेस, काली खांसी आदि से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण बेहद जरूरी है। सरकार नवजात शिशुओं और बच्चों को इन बीमारियों से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
-डॉ. शेर सिंह, सीएमओ मथुरा।