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सावधान! ग्राहकों का डाटा चुरा सिम प्री-एक्टिवेट करते, साइबर ठगों को महंगे दामों में बेच देते, दो गिरफ्तार

Mon, 30 Jan 2023 02:20 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

उत्तर प्रदेश के मथुरा में साइबर ठगों, अपराधियों को सिम बेचने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दुकान पर सिम लेने आने वाले ग्राहकों की फोटो से फर्जी आधार तैयार कर सिम प्री-एक्टिवेटेड करते हैं। 
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(सांकेतिक फोटो) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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मथुरा के कोसीकलां थाना क्षेत्र में पुलिस ने प्री-एक्टिवेटेड सिम बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर 500 से अधिक सिम एक्टिवेट किए हैं। यह साइबर ठगों के अलावा अन्य तमाम अपराधियों को भी इस तरह के सिम उपलब्ध कराते थे। आरोपी वोडा आइडिया (वीआई) टेलीकॉम कंपनी के सिम बेचते हैं। 

प्री-एक्टिवेटेड सिम, फर्जी आधार कार्ड बेचने जा रहे थे

थानाध्यक्ष अनुज कुमार राणा ने बताया कि रविवार को सूचना मिली कि फर्जी आधार कार्ड बनाकर प्री-एक्टिवेटेड सिम साइबर अपराधियों को बेचने वाले गिरोह के दो सदस्य क्षेत्र में मौजूद हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए दोनों को बिछोर की तरफ बाइक पर आते हुए पकड़ लिया गया। यह प्री-एक्टिवेटेड सिम, फर्जी आधार कार्ड तैयार कर बेचने के लिए लेकर आ रहे थे। 

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बताया कि पकडे़ गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 30 फर्जी आधार कार्ड, 63 प्रीपेड सिमकार्ड, दो मोबाइल, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, एक लेमिनेशन मशीन, चाकू एवं बाइक बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों में रिजवान और मुशर्रफ, निवासी बिशंभरा, शेरगढ़ शामिल हैं। 

वीआई कंपनी की फ्लेक्सी ले रखी थी

आरोपियों ने बताया कि उन्होंने वीआई कंपनी की फ्लेक्सी ले रखी है। इसके द्वारा सिम कार्ड एक्टीवेट करने व रिचार्ज करने के लिए कंपनी द्वारा सिम दिया हुआ है। इसकी डिटेल दिखाकर डिस्ट्रीब्यूटर से सिम प्राप्त कर लेते थे। गूगल पर सर्च करके अवैध रूप से आधार नंबर प्राप्त कर नकली आधार कार्ड बना लेते थे। 

बताया कि बनाए गए आधार कार्डों का प्रयोग करके सिम को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड की गई स्मार्ट कनेक्ट नाम की एप्लीकेशन की मदद से सिम एक्टिवेट करके उनका प्रयोग साइबर अपराधियों को बेच देते थे। इन सिमों के माध्यम से काल करके, फर्जी खाता बनाकर धोखाधड़ी करके अवैध रुप से ठगी करते थे।

कस्टमर की फोटो का इस्तेमाल कर बनाते थे फर्जी आधार

सीओ गौरव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि दुकान पर जो लोग सिम लेने आते थे, उनकी फोटो आरोपी सेव कर लेते थे। फिर इन फोटो का इस्तेमाल कर वेबसाइट की मदद से फर्जी आधार बनाते थे। उसका प्रिंट भी निकालते थे। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सिम एक्टिव कराते थे। जो भी शख्स आरोपियों के पास जाकर बगैर आईडी के एक्टिवेट सिम मांगता था, उनको ये इसी तरह की फेक आईडी पर लिए गए। सिम 400 से 500 रुपये तक में बेच देते थे।

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