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UP: बीटेक का छात्र बनाया बदमाश, दर्ज किए चार फर्जी मुकदमे...फिर मुठभेड़ में मारी गोली; 12 पुलिसकर्मियों पर FIR

Thu, 10 Apr 2025 01:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

जेवर पुलिस ने बीटेक के छात्र को बदमाश बना दिया। चार फर्जी मुकदमे दर्ज कर मुठभेड़ में गोली मार दी। ढाई साल बाद पिता उसे निर्दोष साबित करा सका। कोर्ट के आदेश पर जेवर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समेत 12 पुलिसकर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

 
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मथुरा। जमानत के बाद बाहर आया सोमेश अस्पताल में उपचार कराता हुआ। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मथुरा की थाना रिफाइनरी की कदंब बिहार कॉलोनी निवासी बीटेक के छात्र को उसके पिता के सामने जेवर पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में गोली मारकर घायल कर दिया। इसके बाद उसके ऊपर चार गंभीर मुकदमे भी दर्ज कर दिए। पिता करीब ढाई साल तक देश के गृहमंत्री, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के यहां गुहार लगाता रहा कि उसके निर्दोष बेटे को अपराधी बनाया गया है। अब कोर्ट के आदेश पर मुठभेड़ करने वाले जेवर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समेत 12 पुलिसकर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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कदंब बिहार के मकान नंबर एमआई-38 निवासी तरुण गौतम ने बताया कि उनकी कॉलोनी में ही हार्डवेयर की दुकान है। उनका इकलौता बेटा सोमेश गौतम उर्फ सीटू वर्ष 2022 में दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। 4 सितंबर 2002 को उनके घर कुछ गाड़ियां आकर रुकीं। गाड़ियों से उतरे लोग खुद को पुलिस वाला बताते हुए सोमेश के बारे में पूछने लगे। उन्होंने बताया कि उनका बेटा दिल्ली में कोचिंग कर रहा है, इसके बाद पुलिसकर्मी उनके घर में घुसे और तोड़फोड़ कर लूटपाट की। विरोध करने पर उन्हें अपने साथ थाना जेवर ले गए। यहां उनके साथ मारपीट की गई। 4 सितंबर 2022 की रात को उन्हें गाड़ी में बैठाकर शंकरपुरी नई दिल्ली स्थित बेटे के कमरे पर ले गए। यहां से उनके बेटे सोमेश गौतम को पकड़ा और जबरन गाड़ी में डाल दिया। थाने में बेटे को बिजली का करंट लगाया बात न मानने पर उन्हें (पिता) को जान से मारने की धमकी दी।

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9 सितंबर 2022 की रात 9 बजे उनके सामने बेटे के पैर में गोली मारी। इसके बाद उनके बेटे पर चोरी की बाइक, हथियार, पुलिस पर फायरिंग और नोएडा के हिस्ट्रीशीटर बदमाश नागेश की हत्या में शामिल होने का मुकदमा दर्ज किया। साथ ही गैंगस्टर भी लगा दी। जो बाइक उनके बेटे पर बरामद दिखाई पुलिस ने वही बाइक दूसरे अपराध में भी बरामद दिखाकर मुकदमा दर्ज किया।

आरोप है कि उन्हें छोड़ने के लिए थाना प्रभारी अंजनी कुमार ने एक लाख रुपये लिए। करीब छह माह बाद 21 फरवरी 2023 को उनके बेटे को हाईकोर्ट से जमानत मिली। इसके बाद उनके बेटे का सफदरजंग अस्पताल में इलाज चला। वह लगातार अधिकारियों के यहां न्याय की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने एक न सुनी। 10 जून 2024 को वह थाने गया तो पुलिसकर्मियों ने गाली गलौज कर उसे भगा दिया। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने 14 फरवरी 2025 को सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद वह पुनः कोर्ट गए और तब जाकर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।

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फुटबॉल खिलाड़ी बनना चाहता था सोमेश
तरुण गौतम ने बताया कि उनका बेटा सोमेश फुटबॉल का अच्छा खिलाड़ी था। कॉलेज में उसने कई मैच अपने बलबूते पर जीते। उसकी इच्छा थी कि वह पढ़ाई के साथ अच्छा फुटबॉलर बनेगा, लेकिन पुलिस ने उसके पैर में गोली मारकर उसके सपने को चकनाचूर कर दिया। पुलिस की गोली लगने के कारण उनका बेटा दौड़ने में पूरी तरह से असमर्थ है।

 
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पुरानी बातों को याद करते हुए नम हुई पिता की आंखें
बेटे और अपने साथ पुलिस के अमानवीय अत्याचार के बारे में बताते हुए पीड़ित तरुण गौतम की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद से ही उनके पास धमकी भरे फोन आ रहे हैं। यही कारण है कि वह और उनका परिवार घर पर रहने के बजाए अपने रिश्तेदारों के यहां छिपता घूम रहा है। बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बुधवार को ही थाने से विवेचक का गवाही के लिए फोन आ गया। जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, उसी थाने के दरोगा को मामले की विवेचना सौंपी गई है। विवेचना दूसरे अन्य जनपद से कराने के लिए वह पुनः हाईकोर्ट की शरण लेंगे।
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