मथुरा। बलदेव थाना क्षेत्र स्थित यमुना एक्सप्रेस वे पर शुक्रवार की रात को 9 किलोमीटर के अंतर पर अलग-अलग स्थानों पर 40 मिनट के अंदर दो हादसों हो गए। दोनों हादसों में मृतकों और घायलों की संख्या ने थाना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। एक हादसे के घायलों को पुलिस अस्पताल पहुंचा नहीं पाई थी कि दूसरे हादसे की खबर आ गई।
शुक्रवार की रात को 3.30 बजे यमुना एक्सप्रेस वे के माइल स्टोन (140) सराय सालवाहन के पास दिल्ली से आगरा के बटेश्वर मेले में जा रही ईको कार पीछे से किसी वाहन में घुस गई। दुर्घटना में पिता पुत्र समेत परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जबकि मां-बेटी घायल हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ईको कार में फंसे मृतक और घायलों को किसी तरह बाहर निकालकर पोस्टमार्टम और अस्पताल भेजा। पुलिस अभी राहत की सांस नहीं ले पाई थी कि 4.10 पर पुलिस को आगरा से दिल्ली जा रही अनियंत्रित बस पलटने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही पुलिस माइन स्टोन (131) गढ़सौली पहुंच गई। यहां बस पलटने के कारण यात्री सहायता के चीख पुकार मचा रहे थे। पुलिस और यमुना एक्सप्रेस वे की पेट्रोलिंग टीम ने बस में से यात्रियों को निकाला। घायल यात्रियों की संख्या इतनी अधिक थी कि प्रशासन और यमुना एक्सप्रेस वे की एंबुलेंस भी कम पड़ गई। एंबुलेंस कम पड़ने पर सीएमओ को इसकी जानकारी दी गई, साथ ही टेम्पो, राहगीरों के वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात काफी दर्दनाक रही। पिता-पुत्र समेत छह लोगों की मौत हो गई, जबकि बस पलटने से 32 यात्री घायल हो गए। बावजूद इसके थाना पुलिस ने एक साथ हुई दुर्घटना के घायलों को उपचार के लिए सही समय पर अस्पताल पहुंचाया।