उत्तर प्रदेश के मथुरा में बारिश के बाद जगह-जगह हो रहे जलभराव से नगर में डेंगू एवं मलेरिया के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में डेंगू के तीन और मरीज सामने आए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर अलर्ट मोड में आ गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी टीम के साथ डेंगू के मरीजों हाल जानने मौके पर पहुंचे। टीम ने जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिले हैं। उनमें कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही घरों और उसके आसपास लार्वासाइड दवा का छिड़काव किया गया।
नगर में पिछले दिनों हुई बारिश से जगह-जगह जलभराव एवं गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। नतीजतन डेंगू-मलेरिया के केस सामने आने लगे हैं। शहर की चंदनवन कॉलोनी में 24 वर्षीय युवती एवं मोती कुंज और बैंक कॉलोनी में एक इंजीनियर डेंगू के शिकार हो गए हैं। बताया जा रहा है कि 28 वर्षीय इंजीनियर शाहजहांपुर रहते हैं। वह विगत दिनों ही वहां से मथुरा आए हैं।
डेंगू मरीज मिलने पर सीएमओ डॉक्टर अजय कुमार वर्मा, एसीएमओ डॉक्टर अशोक कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह टीम सहित प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। टीम ने पॉजिटिव मरीजों से हिस्ट्री जानने के साथ ही उनका हाल जाना। परिजनों से भी बातचीत की। इन तीनों प्रभावित क्षेत्र में शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। घर के अंदर एवं आसपास के घरों में लार्वासाइड दवा का छिड़काव किया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जिले में अब तक डेंगू के नौ और मलेरिया के छह केस सामने आए हैं। इन केसों के मिलने पर प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ित लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है।
नगरीय मलेरिया अधिकारी डॉक्टर भूदेव सिंह ने बताया कि माइक्रो प्लान के अनुसार 12 टीमें डेंगू और मलेरिया के रोकथाम के लिए कार्य कर रही हैं। नालियों में लार्वासाइड दवा का छिड़काव किया जा रहा है। गावों में प्रधानों को भी छिड़काव के लिए दवा उपलब्ध कराई गई है।