जिला अस्पताल में समय पर उपचार न मिलने के कारण घायल युवक की मौत के मामले में तीन चिकित्सकों सहित चार स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति प्रमुख सचिव से की गई है। सीएमएस के इस कदम से चिकित्सकों में खलबली है।
बता दें कि राया क्षेत्र में कुछ लोगों के पीटने से घायल हुए युवक सोनू को परिवारीजनों ने महर्षि दयानंद जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिवारीजनों का आरोप था कि भर्ती करने के बाद चिकित्सक और स्टाफ क्रिकेट मैच देखने में व्यस्त रहे और मरीज दर्द से चिल्लाता रहा।
हालात बिगड़ने के बाद 31 मार्च की रात सोनू ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद परिवारीजनों ने हंगामा किया। इस पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. केपी गर्ग ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया था।
सीएमएस गर्ग ने बताया इस प्रकरण में इमरजेंसी मेडिकल आफीसर डा. सुशील कुमार, डा. धरमवीर, ऑर्थोपेडिक सर्जन डा. लाल सिंह और स्टाफ नर्स के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को लिखा गया है।