मथुरा में हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों समेत 6 दोषियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर 21500-21500 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
एक सितंबर 2016 को आझई खुर्द निवासी भूपन सिंह वृंदावन के गांव बड़ौता निवासी अपने भतीजे धीरु उर्फ धीरज व गोपाल के साथ ग्राम बसौंती थाना गोवर्धन में पूरन सिंह के यहां गए थे। यहां से भूपन सिंह अपने दोनों भतीजों के साथ देर रात गांव लौट रहे थे। रात दो बजे आझई में चतुरी पंडित के खेत के पास बैठे हथियारबंद लोगों ने उन्हें घेर लिया।
हमलावरों ने धीरु उर्फ धीरज पर असलहा व फरसे से हमला कर उसकी हत्या कर दी। भूपन सिंह ने गांव के ही सत्तो, भंडारी उर्फ भूदेव, डूंगर (तीनों सगे भाई) को नामजद करते हुए तीन अन्य के खिलाफ वृंदावन कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस की विवेचना में चौमुहां निवासी धर्म सिंह उर्फ धर्मों, आझई खुर्द निवासी देवी सिंह एवं लाखन सिंह के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से जेल भेज दिया। जेल में बंद हत्यारोपियों को कुछ समय बाद कोर्ट से जमानत मिल गई।
मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। डीजीसी की दलील, पुलिस रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाह और साक्ष्यों के आधार पर शुक्रवार को तीन सगे भाइयों समेत 6 हत्यारोपियों पर दोष सिद्ध हो गया था। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी को सजा से दंडित किया है।