पुलिस की गिरफ्तार में खड़े आरोपी और प्रसेवार्ता करतीं सीओ आशना चौधरी।
मथुरा। छह-छह हजार रुपये में फर्जी जन्मप्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ हुआ है। कोतवाली पुलिस ने जनसेवा केंद्र संचालक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। जनसेवा केंद्र की आड़ में पांच साल से आरोपी ये फर्जीवाड़ा कर रहे थे।
बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया कि बीते दिनों थाना हाईवे के गोविंदपुर निवासी योगेश जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए रंगेश्वर मंदिर के निकट गौड़िया मठ स्थित ओम शांति जनसेवा केंद्र पर गए थे। उन्होंने जनसेवा केंद्र संचालक हरिओम से जन्मप्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए कहा। हरिओम ने उनसे छह हजार रुपये में जन्मप्रमाण पत्र बनाने की बात कही। फर्जीवाड़े की आशंका पर आवेदनकर्ता ने कोतवाली में शिकायत की। पुलिस ने जनसेवा केंद्र की कुंडली खंगाली तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया।
पुलिस ने मंगलवार रात हाईवे के चंदनवन फेस-1 निवासी जितेंद्र, जनसेवा केंद्र संचालक हरिओम, चैतन्य लोक कॉलोनी निवासी धीरज और राया के ग्राम पिलुखनी निवासी अभिषेक को धौलीप्याऊ के रेलवे ग्राउंड से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सीपीयू, प्रिंटर, दो लैपटाॅप, कम्प्यूटर, चार मोबाइल फोन, सात फर्जी जन्मप्रमाण पत्र और 910 रुपये बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मोटी रकम वसूलने के एवज में वह फर्जी जन्मप्रमाण पत्र बनाकर जारी करते थे।
अभिषेक छाता की गांव पंचायत फालिन के सचिव चंद्रपाल की कार चलाता है। अभिषेक गांव फालिन और गुहिता दसविस्वा के लोगों से आवेदन करता था। मोटी रकम वसूले के बाद चंद दिनों में जन्मप्रमाण पत्र जारी हो जाते थे। आरोपियों ने सैकड़ों लोगों के जन्मप्रमाण पत्र बना दिए हैं। सीओ ने बताया कि गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।