वृंदावन। ठाकुर प्रियाकांतजू मंदिर में 13 मार्च को ब्रज की संपूर्ण सतरंगी होली मनाई जाएगी। मंदिर पर टेसू के फूलों को भिगोकर सुगंधित रंग तैयार किया जा रहा है। देवकीनंदन महाराज हाईड्रोलिक पिचकारी से श्रद्धालुओं पर रंगों की वर्षा करेंगे। मंदिर पर सात प्रकार की होली खेली जाएगी।
इससे पूर्व मंगलवार को छटीकरा मार्ग स्थित मंदिर में चल रहे होली महोत्सव में भागवत प्रवचन करते हुए देवकीनंदन महाराज ने कहा कि सच्चा सुख और संतोष केवल परोपकार और सद्कर्मों में निहित है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में सबसे बड़ा पुण्य दूसरों को सुख देना है। कथा में आए भागवत पीठाधीश्वर पुरुषोत्तम शरण शास्त्री महाराज ने व्यासपीठ पूजन कर श्रोताओं को आशीर्वचन प्रदान किए।
मंदिर सचिव विजय शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह ठाकुर प्रियाकांतजू के विग्रह को गुलाल अर्पित कर 9.30 बजे से होली की शुरुआत होगी। इनमें लड्डू-जलेबी की होली, फूलों की होली, लठामार होली, गुलाल की होली, टेसू के रंगों की होली, मधुर भजनों संग भक्ति रंग की होली खेली जाएगी। संवाद