शहीद रविकरन सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते विधायक राजेश चौधरी व अन्य
नौहझील। देश के लिए शहादत देने वाले वीरों की कहानियां अमर होती हैं। शहीद किसी क्षेत्र, जाति व धर्म विशेष के नहीं बल्कि देश के गौरव होते हैं। हमें देश के अमन के लिए कुर्बान होने वाले शहीदों पर नाज है। युवा पीढ़ी को शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।
यह विचार क्षेत्र के गांव नावली में 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए रविकरन सिंह की 26वीं पुण्यतिथि पर विधायक राजेश चौधरी ने व्यक्त किए। उन्होंने शहीद के नाम पर लाख रुपये की लागत से बने स्मृति द्वार का भी लोकार्पण किया। विधायक ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए। शहीद की मां महिन्द्री देवी, पिता बिजेंद्र सिंह व पत्नी विमलेश देवी सहित परिजन का सम्मान किया।
शहीद के स्मृति द्वार के लोकार्पण के समय परिजन के खुशी के आंसू छलक उठे। इस दौरान शहीद का बेटा शैलू चौधरी, बेटी नीतू चौधरी, भाई गोविंद चौधरी, विनोद चौधरी, महिपाल चौधरी, महावीर सिंह, देवेन्द्र सिंह, चौधरी दिलावर सिंह, प्रधान संजय चौधरी, जितेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे। संवाद
छलकीं शहीद की पत्नी की आंखें
शहीद की पत्नी विमलेश देवी भी पति की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने आईं। इस दौरान वे अपने आंसुओं को नहीं रोक पाईं। छलकती आंखों से आंसू पोंछते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्हें पति ने देश के लिए अपने प्राण बलिदान किए हैं। युद्ध में सीने पर गोलियां खाने के बावजूद अंतिम सांस तक लड़े और दुश्मनों को लोहा मनवाया। गांव में पति के नाम से स्मृति द्वार बनवाने पर विधायक राजेश चौधरी का आभार व्यक्त किया।