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शहीद की पत्नी का फिर छलका दर्द, नहीं लग सकी शहीदों की प्रतिमाएं

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मथुरा। जवाहर बाग में शहीद हुए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव की समाधि स्थल पर छठवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचीं शहीद मुकुल की पत्नी अर्चना द्विवेदी का एक बार फिर दर्द छलक उठा। उनका कहना था कि आज तक शहीदों की न प्रतिमाएं लगीं और न सीबीआई की जांच पूरी हुई।
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प्रतिमाओं को लेकर उद्यान विभाग की भेजी गई फाइल को निरस्त होने का पता लगते ही अर्चना के आंखों में आंसू आ गए। एक बार फिर यूपी सरकार से प्रतिमाएं लगाने और जांच पूरी करने की मांग शहीद की पत्नी ने की। मांट विधायक राजेश चौधरी ने शहीद की पत्नी की मांग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाकर प्रतिमाएं लगवाने का आश्वासन दिया।
बता दें दो जून २०१६ को जवाहर बाग को रामवृक्ष यादव से कब्जामुक्त कराने गए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव हिंसा में शहीद हो गए थे, जबकि २७ लोगों की इस हिंसा में जान भी गई थी। भाजपा ने सपा सरकार को इस हिंसा को लेकर घेरा था और शहीदों को पूरा सम्मान और परिवार को हर मदद का भरोसा भी दिया था। शहीद की पत्नी और विधायक राजेश चौधरी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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विधायक ने शहीद की प्रतिमाएं लगवाने में हरसंभव मदद का भरोसा दिया। शहीद की पत्नी ने शहीद संतोष यादव की समाधि स्थल पर भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर अर्चना द्विवेदी की बहन वंदना पांडेय, बहनोई सतीश कुमार पांडेय, एनआईसी के डीईओ आरपी अग्रवाल, मीनू अग्रवाल, संघ के कमल कौशिक, ताराचंद गोस्वामी, विधायक के पीआरओ जसवंत सिंह मौजूद रहे।
पुलिस लाइन में दी श्रद्धांजलि
शहीद तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव को पुलिस लाइन में एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर और एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने तस्वीर के समक्ष पुष्प अर्पित करते हुए सेल्यूट किया। एसएसपी ने बताया कि दोनों जांबाजों को भुलाया नहीं जा सकता।
रामवृक्ष की हो चुकी है मौत
जवाहर बाग हिंसा की जांच सीबीआई कर रही है। सीबीआई ने अपनी जांच में माना है कि रामवृक्ष की मौत हो चुकी है। कुछ दिन पहले ही रामवृक्ष यादव के बेटे ने नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। प्रार्थनापत्र देने के बाद नगर निगम के फार्म को भरकर नहीं दे गया। इसके चलते आजतक मृत्यु प्रमाणपत्र नगर निगम से जारी नहीं हो सका है।
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शासन ने लौटाई फाइल
जिला उद्यान अधिकारी जगदीश प्रसाद ने बताया कि स्मारक के लिए शामन को फाइल भेजी थी, जिसे वापस कर दिया गया है।
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