फोटो 1: सौंख में फुटपाथों पर सोते हुए असहाय
सौंख। कड़ाके की ठंड में गरीब और असहायों के लिए शासन के निर्देश पर रैन बसेरे बनाए गए हैं, लेकिन कस्बे में शासन की इस आदेश की खानापूर्ति कर दी दी गई है। यहां दूसरी मंजिल पर बनाए गए रैन बसेरे की व्यवस्थाएं रामभरोसे हैं। इतना ही नहीं, तीन माह में एक भी राहगीर या असहाय व्यक्ति यहां आकर नहीं रुका है। जबकि पानी तक को जमा देने वाली सर्दी में असहाय लोग फुटपाथ पर ही सो रहे हैं।
नगर पंचायत कार्यालय परिसर में दूसरी मंजिल पर गरीब और असहाय लोगों के लिए शासन के आदेश पर रैन बसेरा बनाया गया है। कस्बे में सांकेतिक बोर्ड भी लगाए गए है, लेकिन पिछले कई दिनों से असहाय लोग सड़कों पर ही भटक रहे हैं। उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां शासन के आदेश पर महज खानापूर्ति की गई है। कड़ाके की सर्दी के बीच तीन माह से यहां एक भी व्यक्ति आ नहीं रुका है, यह इसका साक्ष्य है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को रैन बसेरे मुख्य मार्गों पर बनाने चाहिए, ताकि जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार तो रैन बसेरा में तैनात कर्मचारी अंदर से ताला लगाकर सो जाता है। ऐसे में असहाय लोग फुटपाथों पर ही सोने के लिए मजबूर है। एसडीएम प्राजक्ता त्रिपाठी का कहना है कि रैन बसेरे की व्यवस्थाओं को लेकर ईओ को निर्देशित किया गया है। जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।
फोटो 1: सौंख में फुटपाथों पर सोते हुए असहाय