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नगर निगम की बैठक में हंगामा: मथुरा के मेयर बोले- अगर पार्षद साथ दे दें, अफसरों को औकात दिखा दें

Fri, 29 Oct 2021 09:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा-वृंदावन नगर नगर की बोर्ड बैठक में एक बार फिर मर्यादा तार-तार हो गई। इस बार मेयर और नगर आयुक्त में नोकझोंक हुई। इस दौरान मेयर ने अधिकारियों को औकात दिखाने तक की बात कह डाली। हालांकि बाद में एक-दूसरे ने माफी मांग ली। 
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मेयर और नगर आयुक्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा-वृंदावन नगर निगम की शुक्रवार को बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा हुआ। नगर आयुक्त अनुनय झा और महापौर डॉ.मुकेश आर्य बंधु में ही नोकझोंक के बाद माइक छीनने की नौबत आ गई। किसी तरह से मामला शांत हुआ। साथ ही महापौर पर 20 लाख रुपये रिश्वत मांगे जाने के मामले में जांच कमेटी को साक्ष्य नहीं मिले। लेकिन कमेटी ने महापौर के दुकान आवंटन के आदेश को खारिज कर दिया। बैठक में 563 करोड़ रुपये का बजट ध्वनिमत से पारित किया गया।

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मथुरा-वृंदावन नगर निगम की बोर्ड बैठक मसानी हाइवे लिंक रोड के एक होटल में हुई। इसमें नगर निगम की ओर से लगाए गए मेले के विज्ञापन में पीएम और सीएम की फोटो नहीं लगे होने पर महापौर ने आड़े हाथों लिया। इतना ही नहीं उन्होंने सदन में ही अभद्र भाषा तक का प्रयोग कर दिया। नगर आयुक्त को यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने महापौर के हाथ से माइक छीनकर उन्हें भाषाशैली सुधारने की नसीहत दी।

 

महापौर ने कहा कि 80 पार्षद उनका साथ दें तो वह अधिकारियों की औकात बता दें। इस बात पर नगर आयुक्त सदन से जाने तक की बात की और कहा कि आप व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं कर सकते। करीब 10 मिनट तक नगर आयुक्त व महापौर में कहासुनी होती रही। इसके बाद पार्षदों ने खड़े होकर मामले को आगे न बढ़ाने का भी अनुरोध किया, तब मामला शांत हुआ। बाद में दोनों ने एक-दूसरे से माफी भी मांगी।

लख्मीचंद को मिला न्याय
आर्य समाज रोड स्थित निगम के मार्केट की एक दुकान के मामले में गठित जांच समिति के सदस्य पार्षद चौधरी तिलकवीर सिंह, पार्षद रश्मि शर्मा, सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल व दो अन्य अधिकारियों ने १६ पेज की रिपोर्ट को सदन में रखा। इसी दौरान महापौर ने रिपोर्ट को जैसे ही ड्रॉर में रखने का प्रयास किया तो जांच कमेटी के सदस्य तिलकवीर ने मंच के पास जाकर बंद लिफाफा फाड़कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की बात कही। तब नगर आयुक्त ने रिपोर्ट को पढ़ा।
 
जांच में स्पष्ट हुआ कि दुकान नंबर आठ के दो भाग कर दिए जाएं। एक भाग 8ए(75 फीसदी जमीन) और दूसरा 8बी( 25 फीसदी जमीन)। भाग आठ ए जमीन के लिए निगम खुली बोली लगाई जाए और आठ बी पर शिकायतकर्ता लख्मीचंद का कब्जा सही है। रिपोर्ट को बोर्ड ने स्वीकार कर लिया गया। बोर्ड बैठक खत्म होने के बाद लख्मीचंद पाल ने कहा कि उन्होंने बहकावे में आकर 20 लाख रुपये मांगने के आरोप लगाए थे, मांफी भी मांगी।
 
गौरतलब है कि 15 सितंबर को नगर निगम कार्य समिति में लख्मीचंद पाल ने हंगामा करते हुए महापौर पर आदित्य अग्रवाल (वैद्यजी ज्वेलर्स) के पक्ष में दुकान आवंटित करते हुए 20 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया था। महापौर ने 8 सितंबर को आदित्य अग्रवाल के पक्ष में जमीन देने के आदेश भी कर दिए थे। पार्षद रवि यादव ने बताया कि पार्षदों के कारण ही गरीब को दुकान मिल सकी है।

निगम में पार्षदों की समिति नहीं बनने पर खूब हुआ शोरगुल
पार्षदों ने चार साल बीत जाने पर भी समितियां नहीं बनाएं जाने पर हंगामा किया। पार्षद श्वेता शर्मा ने कहा कि बार-बार मांग किए जाने पर भी समितियां नहीं बनाई जा रहीं। केवल अस्थायी समितियों में गिने चुने पार्षदों को ही शामिल किया जाता है। पार्षद हेमंत अग्रवाल, राजेश सिंह पिंटू, विष्णु चौधरी ने कहा कि निगम के कार्यों की निगरानी के लिए सभी विभागों की समिति बननी चाहिए। इसमें चार-चार पार्षद शामिल हों।
 
महापौर और नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही समितियों का गठन कर दिया जाएगा। पार्षदों ने कहा कि पूरे निगम क्षेत्र में 200 से ज्यादा स्थानों पर वाहन पार्किंग का कार्य किया जा रहा है। गोवर्धन चौराहा, डीगगेट, पुराना बस स्टैंड, रिफाइनरी टाउनशिप तिराहा जैसे स्थानों पर पार्किंग के नाम पर जबरन धन वसूली की बात भी सामने आई ।

डैंपियर नगर में स्थापित होगी व्यायाम शाला
बोर्ड मीटिंग में पुनरर्क्षित बजट सहित अनेक प्रस्तावों को अनुमोदन दिया गया। साथ ही डैंपियर नगर में 9.20 मीटर भूमि पर व्यायामशाला स्थापित करने का फैसला लिया। बैठक में कार्यकारिणी ने 2021-22 का पुनरर्क्षित बजट 563 करोड़ स्वीकृत किया। इसमें सकल प्राप्तियों का अनुमान 372 करोड़ रुपये है। गत वर्ष में विभिन्न अनुदानों का अंतिम बकाया 191 करोड़ शामिल है।
 
बजट में राज्य वित्त आयोग, 15वां वित्त आयोग, अवस्थापना विकास निधि, कान्हा पशु योजना, निराश्रित गोवंश चारा व्यवस्था अनुदान, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, हृदय योजना, कॉलोनी हस्तांतरण, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्मार्ट सिटी, नवीन भवन निर्माण, नमामि गंगे, पीएम स्वानिधि योजना एवं अन्य अनुदान से प्राप्त आय शामिल है।

बैठक में नगर निगम ने बनाई गई तंबाकू उत्पाद नियंत्रण लाइसेंस उपविधि 2021 को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 30 अगस्त को मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान के 22 वार्डों को तीर्थ स्थल घोषित किए जाने की घोषणा का स्वागत कर इसे सदन ने स्वीकार किया। डीएम नवनीत सिंह चहल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों के भंडारण के लिए 1.36 हेक्टेेयर भूमि गांवड आटस बांगर में आरक्षित की गई।
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जिस वक्त जमीन आवंटित की थी उस समय एक पक्ष के ही कागजात थे। जैसे ही दूसरे पक्ष ने कागजात दिए तो सच्चाई सामने आ गई। जांच कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया है। वह जमीन अब नगर निगम की है। मेरे ऊपर लगे आरोपों में कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। सदन में जो भी विवाद हुआ, वह वहीं पर समाप्त हो गया। - डॉ.मुकेश आर्यबंधु, महापौर

बोर्ड बैठक में जो कुछ भी हुआ, वो गलत था। सभी को सदन की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए। सदन में पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड क्षेत्र के विकास की मांग है, उसी के आधार पर बजट तैयार किया गया है। पार्षदों से समय पर सुझाव मिलते रहते हैं, निगम गंभीरता से लेता है। पार्षदों की मांग पर अन्य जांच कमेटियां भी गठित होंगी, जो विवादित मामलों की जांच करेंगी।- अनुनय झा, नगर आयुक्त
 
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