मथुरा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को 85 हजार रुपये का भुगतान पशुपालक को किए जाने का आदेश दिया है। बीमित पशु के मरने पर बीमा कंपनी ने दावा खारिज कर दिया था। मामले में सुनवाई के बाद आयोग ने यह आदेश दिया है।
थाना महावन क्षेत्र के गांव गोपी की नगरिया निवासी अनिल कुमार ने बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा गोकुल से 10 मवेशी की खरीद के लिए ऋण लिया था। सभी मवेशी का नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से 15976 रुपये देकर बीमा कराया था। प्रत्येक मवेशी की बीमित धनराशि 70 हजार रुपये थी। 19 मार्च 2016 को एक गाय के मरने के बाद पशुपालक ने बैंक को लिखित और बीमा कंपनी को फोन से सूचना दी थी। पशु चिकित्साधिकारी द्वारा मृत गाय का पोस्टमार्टम भी किया गया।
19 जनवरी 2017 को बीमा कंपनी ने ये कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि बैंक ने उन्हें देरी से इसकी जानकारी दी। इसके बाद पीड़ित ने उपभोक्ता आयोग में दावा दायर किया था। आयोग के अध्यक्ष नवनीत कुमार, सदस्य मनीष परमार और छवि सिंघल ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई में आयोग ने पाया कि बैंक ने ऋण स्वीकृत किया था, लेकिन बीमा के लिए वह उत्तरदायी नहीं है। वहीं पशुपालक ने भी समय से लिखित सूचना बैंक को दी थी। ऐसे में पशुपालक बीमित पशु के मरने पर क्लेम प्राप्त करने का अधिकारी है।