मथुरा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन करने के लिए खिलाड़ियों को नए साल सिंथेटिक ट्रैक मिलने की उम्मीद है। यह प्रस्ताव कई साल से शासन में लटका पड़ा है, लेकिन इस वर्ष प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए बैडमिंटन हॉल और कुश्ती हॉल मिलने की उम्मीद जताई जा रहा है। विभाग द्वारा करीब चार करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराने के प्रस्ताव भेजे गए हैं। वहीं स्वर्गीय मोहन पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम गणेशरा में खेलो इंडिया योजना के तहत आठ करोड़ रुपये की लागत से सिंथेटिक ट्रैक तैयार कराने की योजना है। इसका प्रस्ताव बीते दो साल से शासन में लंबित है। शहर में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाने की भी तैयारी चल रही है। मथुरा-वृंदावन विधायक श्रीकांत शर्मा द्वारा इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। इसके निर्माण में सात करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया जा रहा है।
नए साल में उम्मीद
शहर में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण के बाद एक ही छत के नीचे सभी खेल प्रतियोगिताएं हो सकेंगी।
पोल वॉल्ट खेल के लिए नववर्ष में खिलाड़ियों को पांच फाइवर ग्लास पोल मिलने की उम्मीद है।
स्टेडियम में बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए हॉल का निर्माण 2.90 करोड़ रुपये की लागत से होगा।
स्टेडियम में कुश्ती खिलाड़ियों के लिए हॉल का निर्माण 90 लाख रुपये की लागत से होगा।
2025 में ये मिलीं उपलब्धियां
-रास्ट्रीय स्तर पर अमित कुमार ने 400 मीटर बाधा दौड़ और सोनिया उपाध्याय ने तीन हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीते।
-रजत कुमार ने अंडर-18 में 77.99 मीटर भाला फेंककर उपलब्धी हासिल कीं।
बरेली में राज्य स्तरीय पैरा एथलेटिक्स मीट में 14 खिलाड़ियों ने मेडल जीते। इसमें आठ गोल्ड मेडल हैं।
स्टेडियम के लिए ऑटोमेटिक ग्रास कटिंग मशीन व रोलर मिला है।
स्टेडियम में प्रतियोगिता के समय खिलाड़ियों के रुकने के लिए एसी हॉल निर्माण हुआ है।
क्या बोले खेल
जिले के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए शहर में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होना चाहिए। इसकी मांग की गई है।
-जय सिंह, सचिव, जिला एथलेटिक्स संघ
विभिन्न खेलों में जिले के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके लिए मल्टीपरपज हॉल होना चाहिए। -डॉ. दलवीर सिंह कौंतेय, सचिव, जिला फुटबॉल संघ
नए साल में स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही कुश्ती व बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग हॉल का भी निर्माण होगा। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ी हॉल में रुक सकें। तीनों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। नए साल में मंजूरी की उम्मीद है।
-राकेश कुमार यादव, जिला क्रीड़ा अधिकारी