धौलपुर झाल में पक्षियों के देखते विद्यार्थी
मथुरा। आगरा-मथुरा जनपद की सीमा स्थित जोधपुर झाल वेटलैंड पर पहली बार विश्व वेटलैंड दिवस मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने नेचर वॉक, बर्ड वाचिंग कर वेटलैंड को तस्वीर में उतारा। चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को विधायक पूरन प्रकाश ने पुरस्कार भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वेटलैंड्स संरक्षण से ही मानव सभ्यता का भविष्य सुरक्षित होगा।
सोमवार को वन विभाग द्वारा जोधपुर झाल वेटलैंड पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने वेटलैंड के महत्व, संरक्षण और प्रवासी पक्षियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वेटलैंड्स पृथ्वी की किडनी का कार्य करते हैं। पक्षीवर्ग सहित वन्यजीवों की 40 प्रतिशत प्रजातियां वेटलैंड्स पर निर्भर रहती हैं।
उन्होंने बताया है कि भरतपुर के घना और आगरा के सूरसरोवर के बाद अब जोधपुर झाल वेटलैंड विदेशी परिंदों को खूब रास आ रहा है। यहां पर बसेरा बनाकर अपनी मनमोहक कलरव और एक-दूसरे से चोंच मिलाकर अठखेलियां करते नजर आते हैं। साथ ही उन्होंने बच्चों को वेटलैंड्स के महत्व व संरक्षण के बारे में बताया। इस दौरान डीएफओ रजनीकांत मित्तल, वन क्षेत्राधिकारी अतुल तिवारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पक्षियों को देख रोमांचित हुए छात्र
अभी वेटलैंड पर रूडी शेल्डक, काॅमन टील, नोर्दन पिनटेल, नोर्दन शोवलर, पाइड एवोसेट, बार-हेडेड गूज, गेडवाल, ब्लैक-हेडेड आईबिश, काॅमन सेन्डपाइपर, बूली-नेक्ड स्टाॅर्क, स्पाॅट-बिल्ड डक, स्पून-बिल, ग्रेटर कोर्मोरेन्ट आदि प्रवासी पक्षी मौजूद हैं। बर्ड वॉचिंग के दौरान पक्षियों की अठखेलियां देख बच्चे रोमांचित हो उठे। करीब दो घंटे तक बच्चे यहां मौजूद रहे।