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बेटे की सकुशल वापसी के लिए परिजनों ने ली विदेश मंत्रालय की शरण

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सौंख/राया (मथुरा)। यूक्रेन में फंसे जनपद के छात्रों की सकुशल वापसी के लिए अब परिजन विदेश मंत्रालय में दस्तक दे रहे हैं। सौंख निवासी अशोक कुमार सोमवार को दिल्ली पहुंच गए। उन्होंने पुत्र मनीष की वतन वापसी को लेकर अधिकारियों से गुहार लगाई। राया के छात्र निखिल सिंघल ने लगातार बिगड़ती स्थितियों से परिजनों को अवगत कराते हुए मदद की गुहार लगाई है।
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सौंख पुन्नाथोक निवासी अशोक कुमार का बेटा मनीष कुमार यूक्रेन के सूमी शहर में फंसा है। वह पल-पल की जानकारी अपने परिजनों को वीडियो कॉलिंग के माध्यम से दे रहा है। इन स्थितियों को देखते हुए मनीष के पिता अशोक कुमार सोमवार को दिल्ली विदेश मंत्रालय पहुंचे। यहां उन्हें अपनी समस्या हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज कराने को कहा गया।
इससे असंतुष्ट होकर वे घर वापस आ गए। हालांकि मनीष ने बताया कि भारतीय दूतावास के माध्यम से उन्होंने भारत जाने के लिए आवेदन कर दिया है। आसपास के शहरों के छात्रों को भी सूमी यूनिवर्सिटी में एकत्रित कर लिया है। फिलहाल यहां गोलाबारी बंद है। भोजन के पर्याप्त प्रबंध कर दिए गए हैं। बताया कि जल्द ही दूतावास भारत वापस जाने वाले छात्रों की सूची जारी कर देगा।
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इधर, कस्बा राया के रामलीला मैदान निवासी डॉ. राजकुमार सिंघल के पुत्र निखिल सिंघल और रेतिया बाजार निवासी डॉ. संजय वर्मा का पुत्र रितिक वर्मा भी अभी यूक्रेन में फंसे हैं। निखिल ने बताया कि करीब 1500 छात्र-छात्राएं यहां बंकरों में फंसे हैं। ठंड का प्रभाव परेशान कर रहा है। वहां निकट में एक पेट्रोल पंप और एक कैफे हाउस है। सरकार की ओर से अभी कोई मदद नहीं मिल पा रही है। इससे परिजन परेशान हैं। निखिल की मां मंजू रानी, दादी नर्मदा देवी, चाचा रामकुमार सिंघल, रेखा आदि सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
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