बलदेव। लगातार बेमौसम बारिश और ओलों ने फसलों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। इसके कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों और किसान संगठनों की मांग के बाद प्रशासन ने नुकसान का आकलन कराया और मुआवजा प्रक्रिया शुरू की लेकिन किसान को जो मुआवजा मिला है वह उनके घावों पर नमक का काम कर रहा है। प्रशासन की ओर से बलदेव क्षेत्र में प्रभावित किसानों को 2-2 हजार रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है, जिससे किसान और किसान संगठनों में आक्रोश फैल रहा है। बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी जा रही है।
भाकियू अराजनैतिक मंडल कैंप कार्यालय पर मंगलवार को आगरा और अलीगढ़ मंडल के सभी जिलाध्यक्षों की बैठक हुई। बैठक में प्रशासन की ओर से बांटे जा रहे मुआवजे पर रोष व्यक्त किया गया। कहा कि खेती में लाखों का नुकसान होने के बाद दो-पांच हजार रुपये का मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा है। पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की आर्थिक मदद करना तो दूर, फसलों में लगाई लागत तक की भरपाई नहीं हो पा रही है। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के मंडल अध्यक्ष राजकुमार तोमर ने कहा प्रदेश सरकार स्वयं किसानों को उचित मुआवजा देने की बात कर रही है लेकिन जमीनी स्तर पर गड़बड़ी कौन कर रहा है। इतनी कम राशि से किसान न तो परिवार को पाल सकता है और न ही अगली फसल की तैयारी कर सकता है। जिलाध्यक्ष आगरा दीपक तोमर ने कहा कि जल्द ही किसानों को सही तरह से मुआवजा दिया जाए।
बैठक में मौसम से नुकसान, ऑनलाइन खतौनी, मुआवजा विवरण में गड़बड़ी और कम मुआवजे पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि 21 अप्रैल को लखनऊ में बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में जिलाध्यक्ष फिरोजाबाद बिन्नी प्रधान, जिलाध्यक्ष मैनपुरी नवनीत यादव, जिलाध्यक्ष अलीगढ़ योगेश तोमर, जिलाध्यक्ष एटा मदन यादव, सचिन चौधरी, सुनील तोमर, हाकिम प्रधान आदि मौजूद रहे। संवाद