मथुरा। बाढ़ के पानी से कीचड़ और मलबे में दफन गलियां और सड़कों की सफाई कराने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। मंगलवार को कई क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया गया और जलभराव वाले क्षेत्रों में ट्रैक्टर पंप सेट लगाकर जलनिकासी भी कराई गई। अधिकारियों ने दो से तीन दिन में स्थितियां सामान्य होने का दावा किया है। हालांकि मंगलवार को जलस्तर में 14 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
लक्ष्मीनगर के ईसापुर, हंसगंज यमुना खादर क्षेत्र की कई कॉलोनियां अभी बाढ़ के पानी से कराह रही हैं। ठहरे हुए पानी में मच्छर पनप रहे हैं। कई दिनों तक पानी ठहरने से दुर्गंध का भी सामना करना पड़ रहा है। मार्गों पर मिट्टी की सिल्ट जमा हो गई है। यमुना जलस्तर कम होने से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन परेशानियां अभी भी कम नहीं हो रही हैं। इसी को देखते हुए नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान शुरू कराने का निर्णय लिया है।
मंगलवार को निचले इलाकों, घाटों एवं संपर्क मार्गों पर जमा मिट्टी, सिल्ट और गाद की सफाई कराई गई। साथ ही परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इधर, एडीएम एफआर डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि मंगलवार शाम को जलस्तर में 14 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन खतरा नहीं है। चार बजे प्रयाग घाट का 165.76 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया, जो सोमवार को 165.62 मीटर दर्ज किया था। वहीं हथिनीकुंड से 28 हजार क्यूसेक, ओखला से 27 हजार क्यूसेक और गोकुल बैराज 63 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।