मथुरा। प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा को ज्ञापन सौपते पार्षद।
- फोटो : mathura
मथुरा नगर निगम के महापौर और पार्षदों के बीच चल रही रार अब शासन तक पहुंच गई है। भाजपा पार्षद दल के नेता राजवीर सिंह के साथ पार्षदों ने नगर के तीन अहम मुद्दों को लेकर एक ज्ञापन लखनऊ में प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा को सौंपा और महापौर के पार्षदों के प्रति रवैया के बारे में अवगत कराया। मंत्री ने मुख्यमंत्री के समक्ष पार्षदों की बात रखने और जल्द ही निदान करने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन पर नगर निगम के उप सभापति मुकेश सारस्वत सहित 50 पार्षदों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं।
भाजपा सहित विपक्षी पार्षदों का दल लखनऊ में प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा, नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात और निदेशक अनुज कुमार झा से मिला। महानगर के विकास में सामने आ रहे अवरोध के बारे अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि नगर निगम के कोष में 15 वें वित्त की लगभग 35 करोड़ रुपये की धनराशि है, लेकिन महापौर द्वारा बैठक नहीं बुलाई जा रही, जिससे नगर के विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
निगम की अंतिम वित्तीय बैठक गत 2 जनवरी को हुई थी। इसके अलावा नगरवासियों को गृह कर जमा करने पर दस प्रतिशत की छूट की समय सीमा 31 अक्तूबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर तक की जाने की मांग की है। इसके अलावा 182 करोड़ रुपये के अटके विकास कार्यों को गति प्रदान करने का भी आग्रह किया गया है। यह ज्ञापन पार्षद दल ने मुख्यमंत्री के आवास पर भी दिया है। पार्षद राजीव कुमार सिंह ने बताया कि नगर के विकास और न्याय की लड़ाई के लिए हम हरसंभव प्रयास करते रहेंगे। ज्ञापन देने वालों में पार्षद राजीव कुमार सिंह, बृजेश खरे, चंदन आहूजा, नीनू कुंज बिहारी भारद्वाज, नीरज वशिष्ठ, राकेश भाटिया, तेजवीर सिंह, शशांक शर्मा आदि मौजूद रहे।