मथुरा में निलंबित शिक्षकों व शिक्षकों के बीच सोशल मीडिया पर पोस्ट करने और उस पर हुए कमेंट को लेकर बीएसए ने नोटिस जारी किया है। बीएसए ने कहा है कि जो निपटा देव... भाईसाहब कमेंट किया गया है, इसका मतलब बीएसए को जान से मारना या उन्हें एंटी करप्शन टीम से पकड़वाना है।
मांट विकास खंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय डहरुआ के सहायक अध्यापक आलोक उपाध्याय और उच्च प्राथमिक विद्यालय पीरी के सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र सिंह को मई माह में निलंबित किया जा चुका है। उन पर वरिष्ठ सहायक से अभद्रता करने व धमकी देने का आरोप है। अब बीएसए सुनील दत्त ने इन दोनों को फिर से नोटिस जारी किया है। दरअसल सोशल मीडिया पर उनके द्वारा की जा रही पोस्ट एवं उस पर हो रहे कमेंट से बीएसए भड़क गए हैं।
उन्होंने नोटिस में लिखा कि आलोक ने फेसबुक पर पोस्ट की है। इस पर लिखा है कि भ्रष्टाचार के लिए उगाही निर्माण में ऑनलाइन कमीशन, वेतन रोकने की धमकी के साथ चलते भवन व कक्ष के उपभोग प्रमाण पत्र में रस निकालने की तैयारी। इस पर पुष्पेंद्र सिंह ने कमेंट किया कि ऑनलाइन का जमाना आ गया है। एक शिक्षक प्रमोद वर्मा ने इस पर कमेंट किया कि निपटा देव... भाईसाहब। बीएसए सुनील दत्त का कहना है कि प्रमोद वर्मा के कमेंट का मतलब है बीएसए को जान से मारना या उन्हें एंटी करप्शन टीम से पकड़वाना। बीएसए ने आलोक उपाध्याय और पुष्पेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने को कहा है।
बीएसए के मुताबिक इन शिक्षकों द्वारा... कल मथुरा में बारिश की संभावना इसलिए सावधानी के साथ घर से निकलें, पाठशाला वाले अधिकारी घर से निकरवई नहीं करें, पुष्पाहार तैयार हैं नए साहब के स्वागत के लिए, मथुरा में विजिलेंस की चर्चा जैसे अपुष्ट पोस्ट की जा रही हैं। विभाग की छवि को धूमिल और अन्य शिक्षकों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि आलोक उपाध्याय द्वारा बीएसए के ड्राइवर की एक फोटो फेसबुक पर अपलोड की है, जिसमें उनके द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक की कुर्सी पर बैठकर निरीक्षण की बात कही जा रही है।
हालांकि, बीएसए का कहना है कि इस विद्यालय का निरीक्षण उन्होंने स्वयं बीईओ मुख्यालय के साथ किया था। बीएसए का कहना है कि तीन दिन के भीतर अगर स्पष्टीकरण नहीं मिलता है तो सभी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि बीएसए के ड्राइवर द्वारा किसी स्कूल में निरीक्षण किया जा रहा है तो इसका शिक्षक विरोध करेंगे। सोशल मीडिया तो कोई भी कमेंट कर सकता है। बीएसए खुद ही विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। आलोक उपाध्याय ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।