ठाकुर राधाबल्लभ लाल ने दिए पनिहारन के रुप में दर्शन।
वृंदावन। ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में शुक्रवार सुबह खिचड़ी महोत्सव में ठाकुरजी ने भक्तों को पनिहारी के स्वरूप में दर्शन दिए। समाज के गायन के बीच सेवायताें ने दिव्य शृंगार कर पंचमेवा युक्त खिचड़ी का भोग लगाया। ठाकुरजी के विशेष दर्शन के लिए भक्तजन उमड़ पड़े। यहां उन्होंने जल ही जीवन है का संदेश भक्तों को दिया।
शुक्रवार को ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में सुबह समाजी राकेश मुखिया एवं जीवन वल्लभ द्वारा हवेली संगीत में समाज गायन कर ठाकुरजी को खिचड़ी के पदों का श्रवण कराया। राग सेवा के मध्य मंगला आरती की गई। मंदिर के सेवायतों ने आराध्य ठाकुर राधावल्लभ लाल को 200 किलो मेवा युक्त खिचड़ी का भोग सेवित किया। ठाकुरजी के विशेष दर्शन की एक झलक पाने को भक्तजन आतुर दिखे और जयकारों के बीच आराध्य के दर्शन किए।
मंदिर के सेवायत मोहित मराल गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर राधावल्लभ राधारानी से मिलने के लिए छद्म रूप धारण करते हैं। खिचड़ी महोत्सव में पूरे माह ठाकुरजी ब्रज मंडल के विभिन्न देवी-देवताओं, संत, आचार्यों और लीलाओं के विभिन्न स्वरूप धारण करते हैं। यह विशेष दर्शन वर्ष में एक माह भक्तों को होते हैं।