जवाहर बाग के कब्जारियों द्वारा तहसील पर किए गए हमले और बाग के कर्मचारियों पर आलू खोदने के दौरान की गई मारपीट के मामले में 21 हमलावरों को मथुरा के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी।
चार अप्रैल 2016 को सायं चार बजे सदर तहसील पर जवाहर बाग के सैकड़ों कब्जाधारियों ने अचानक हमला कर दिया था। हमलावरों ने तहसील कर्मियों, निकट दुकानों पर खड़े लोगों, वादकारियों, कातिब तथा अन्य लोगों की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी थी। इस मामले मेें 11 जुलाई को पुलिस ने चार्ज शीट दाखिल की। मामले की सुनवाई में 27 जनवरी को आरोपी राहुल, प्रेमपाल, चरन सिंह, नवल किशोर मौर्य, प्रिंस कुमार, राजेश कुमार, रामायण प्रसाद, योगेंद्र, प्रेमचंद्र सिंह, रामगुनपाल, डाबले, धर्मेंद्र, रामकृष्ण, रामजस, रोशनलाल, सिद्वनाथ विश्वकर्मा, रक्षराम, रमेश कुमार गुप्ता, जानकी प्रसाद, दिनेश कुमार, राकेश कुमार को मथुरा के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी। वहीं 15 मार्च 2016 को जवाहरबाग में आलू खोदने गए जवाहरबाग कर्मियों संग मारपीट कर भगा देने व जानलेवा हमले व सेवन क्रिमिनल एक्ट के मामले में प्रेमपाल, राहुल, चरन सिंह, नवल किशोर, प्रिंस कुमार, राजेश कुमार, रामायण प्रसाद, व योगेंद्र को 50-50 हजार के बंधपत्र पर जमानत दे दी गई।