वृंदावन। राजकीय बाल गृह (बालिका) में 14 वर्षीय शिवानी की हत्या की आरोपी किशोरियों को जुवैनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट के आदेश पर तय होगा कि आरोपी कहां जाएंगी। हालांकि पुलिस का मानना है कि दोनों किशोरियों का अपराध संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है, इस कारण अदालत उन्हें बच्चा जेल भेज सकती है। रविवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भी जांच करने के लिए मौके पर पहुंचे। वहीं बाल कल्याण समिति के चेयरमैन मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर गाज गिर सकती है।
शुक्रवार दोपहर चैतन्य विहार स्थित राजकीय बाल गृह (बालिका) के कमरा 5 के बाथरूम में 14 वर्षीय किशोरी शिवानी की पानी भरी बाल्टी में सिर डुबोकर हत्या कर दी गई थी। यहां जांच करने पहुंचे सीजेएम उत्सव गौरव राज के निर्देश पर बाल गृह में लगी डीवीआर सील कर नई लगाई गई वहीं पुलिस टीम ने भी गहनता से मामले की जांच-पड़ताल की है। क्षेत्राधिकारी सदर, कोतवाली प्रभारी सहित तीन निरीक्षक दिनभर जांच में जुटे रहे। पुलिस टीम ने प्राथमिकी में शामिल पांच आरोपियों के साथ अन्य किशोरी से अलग-अलग पूछताछ कर सभी के बयानों को क्रॉस चेक किया। जांच के बाद दोनों हत्यारोपी किशोरियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
आज आएंगे बाल कल्याण समिति के चेयरमैन
बाल कल्याण समिति के चेयरमैन राजेश कुमार दीक्षित आज जांच के लिए पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि शिवानी की हत्या के मामले की जांच समिति द्वारा की जाएगी। समिति मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ भी शासन को रिपोर्ट देगी। चेयरमैन का कहना है कि राजकीय बाल गृह बालिका में बार-बार घटनाएं हो रही हैं। पांच लड़कियों के भागने के बाद यहां लड़कियों के पास मोबाइल फोन मिले। उनके निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी लेकिन पुलिस जांच में यह स्पष्ट नहीं कर सकी की लड़कियां मोबाइल फोन पर किन लोगों के संपर्क में थी। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस थोड़ी सी भी सतर्कता दिखाती तो यहां किशोरियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते।