मथुरा। उत्तराखंड में भारत-चीन सरहद पर स्थित सीमांज जिला चमोली के माणा में हुए हिमस्खलन में घायल जिले के चारों युवक ऋषिकेश के एम्स में उपचाराधीन हैं। युवकों की हालत को देखने के लिए शनिवार को एम्स पहुंचे परिजन को निराश लौटना पड़ा। अधिकारियों ने उन्हें युवकों से नहीं मिलने दिया। कहा कि स्वस्थ होने के बाद चारों युवकों को घर भेज दिया जाएगा।
कोसीकलां और छाता क्षेत्र से ये युवक काम करने के लिए चमोली गए थे। इनमें से कोसीकलां के गांव फूलगढ़ी के रहने वाले राजेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, सुखदेव सिंह और छाता के गांव नगला बिरजा सेमरी निवासी विवेक सिंह शामिल हैं। माणा में शुक्रवार को हुए हिमस्खलन में फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद चारों युवकों के परिजन शनिवार को उत्तराखंड के लिए रवाना हुए थे।
हालांकि परिजन को वहां से निराश ही लौटना पड़ा। गोविंद के भाई खेमी ने बताया है कि चारों युवक सुरक्षित हैं। उन्हें उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। वहां के अधिकारियों ने उन्हें युवकों से नहीं मिलने दिया। अधिकारियों का कहना है कि युवकों के स्वस्थ ठीक होने के बाद उन्हें घर भेजा जाएगा। परिजन को आश्वासन देकर वापस कर दिया है।