मथुरा। रिश्वत लेने के आरोप में मेरठ जेल में निरुद्ध मथुरा की निलंबित डीपीआरओ किरन चौधरी गर्भवती हैं। जेल प्रशासन को किरन ने खुद इसकी जानकारी दी थी। सच्चाई जानने के लिए जेल प्रशासन ने उनका अल्ट्रासाउंड कराया था। अल्ट्रासाउंड जांच में निलंबित डीपीआरओ के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है।
विजिलेंस लखनऊ की टीम ने 4 फरवरी को मथुरा की डीपीआरओ किरन चौधरी और सेवानिवृत्त चालक विजेंद्र को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 5 फरवरी को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मेरठ ने दोनों को जेल भेज दिया था। इसके बाद से दोनों जेल में ही निरुद्ध हैं। शासन ने डीपीआरओ को निलंबित भी कर दिया था।
निलंबित डीपीआरओ की कहानी में अब एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल मेरठ जेल में निरुद्ध निलंबित डीपीआरओ गर्भवती हैं। इसकी पुष्टि तब हुई जब उनकी सूचना पर जेल प्रशासन ने हकीकत जानने के लिए जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया।
अल्ट्रासाउंट रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद जिला कारागार की टीम ने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जांच भी कराई। हालांकि चिकित्सकों ने उनके स्वस्थ होने की बात कही है। ये जानकारी बाहर आने के बाद लोगों के बीच इसकी चर्चा है।
किशनपुर के प्रधान और सचिव से मांगे स्ट्रीट लाइट के अभिलेख
ग्राम पंचायत किशनपुर में स्ट्रीट लाइट लगाने में हुए फर्जीवाड़े की शिकायत पर जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र जांच कर रहे हैं। शुक्रवार को वे ग्राम पंचायत में लाइटों की जांच के लिए गए थे। इसके बाद शनिवार को उन्होंने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव किशनपुर से लाइटों से संबंधित अभिलेख मांगे हैं। उन्होंने लाइटों की टेंडर प्रक्रिया, कार्यदायी संस्था, शासनादेश समेत अन्य अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजकर आदेशित किया है। जांच अधिकारी ने बताया कि अभिलेख मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जा सकेगा।