प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को अधिकारियों ने कॉरिडोर निर्माण के लिए आसपास के क्षेत्र का दोबारा सर्वे कराने की रणनीति बनाई है। सेवायत व व्यापारियों की मांग के बाद डीएम ने यह निर्णय लिया है। हालांकि सेवायत कॉरिडोर निर्माण का विरोध कर रहे हैं, लेकिन वृंदावन के अधिकतर लोग कॉरिडोर निर्माण के पक्षधर हैं।
श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण की योजना बनने के बाद शासन ने जनवरी 2023 में सर्वे कराया था। इस दौरान दुकान, भवन और कुंज गलियां समेत करीब 285 स्थानों को चिन्हित किया था। 2023 में हुए सर्वे के बाद अब 2 साल से ज्यादा का समय हो गया है। इस दौरान वृंदावन में काफी कुछ बदल गया है।
इसलिए अधिकारियों ने दोबारा सर्वे करने की योजना बनाई है। मंगलवार को एडीएम वित्त डॉ. पंकज वर्मा, एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने बैठक की। इस दौरान सर्वे के साथ-साथ कई बिंदुओं पर चर्चा की गई। एडीएम वित्त ने बताया है कि व्यापारी व सेवायतों की मांग के बाद दोबारा सर्वे कराने की तैयारी है। इसके लिए डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने एक टीम बनाई है। इसमें राजस्व, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और एमवीडीए के अधिकारी शामिल किए गए हैं। यह तीन या चार दिन बाद सर्वे का कार्य शुरू करेगी।
संविधान का पालन करने की अपील
सेवायतों का विरोध जारी है। उन्होंने मंगलवार को संविधान की पुस्तक की पूजा करके विरोध जताया। अपील की संविधान का पालन करते हुए सरकार सही निर्णय ले। इस अवसर पर गोस्वामी जनों ने जोर देकर कहा कि सरकार को संविधान में निहित उनके अधिकारों का हनन नहीं करना चाहिए।
धर्मनिरपेक्ष सरकार को सनातनी मंदिरों के अधिग्रहण का अधिकार नहीं : शंकराचार्य
वाराणसी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को कहा कि सरकार मंदिर का अधिग्रहण करके वहां सरकारी अधिकारी बैठा देगी, तो भविष्य में वहां धर्म की क्या व्यवस्था देखने को मिलेगी। बातें अलग कहीं जा रही हैं और व्यवहार अलग तरह का किया जा रहा है। धर्मनिरपेक्ष सरकार को परंपरा से चले आ रहे सनातनी मंदिरों के अधिग्रहण का अधिकार नहीं है। बांके बिहारी मंदिर में गोस्वामियों की जो परंपरा है, उस परंपरा का हमें पोषण करना है।