श्रीराम महायज्ञ की परिक्रमा लगाते संत प्रेमानंद महाराज एवं महंत सुतीक्षण दास।
वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि संत सुदामा दास महाराज की पावन साधना एवं सेवा स्थली सुदामा कुटी बदल गई है। जब वे सुदामा कुटी आते थे, उस समय से वर्तमान में बड़ा बदलाव हुआ है। अब सुदामा कुटी सुदामापुरी लग रही है।
प्रेमानंद शुक्रवार को सुदामा कुटी में संस्थापक संत सुदामा दास महाराज के वृंदावन आगमन के सौ वर्ष पूरे होने पर मनाए जा रहे शताब्दी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भगवान कौशल किशोर के दर्शन कर आरती की। महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज एवं महंत अमर दास ने उन्हें उत्सव का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। प्रेमानंद इसके बाद कुंभ मेला स्थल पर चल रहे उत्सव में पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीराम महायज्ञ स्थल की परिक्रमा की। यहां प्रेमानंद को देखने वालों की भीड़ लग गई। सेवादार उनको भीड़ से निकालकर केली कुंज आश्रम ले गए। इस दौरान संत प्रेमानंद महाराज करीब आधा घंटे तक उत्सव में रहे।