वृंदावन। रक्षाबंधन पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज के मंदिर में भाई-बहन के प्रेम और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। मंदिर में सुबह धर्म बहनें आराध्य बांके भैया के लिए राखी, स्नेह पाती और उपहार भेजे। जब इन राखियों और पातियों को ठाकुरजी की सेवा में अर्पित किया गया तो कई धर्म बहनें भावुक हो उठीं। मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों की आवाजाही बनी रही।
पर्व के अवसर पर सेवायतों ने विधि-विधान से ठाकुरजी की कलाई पर राखियां बांधीं। इसके बाद धर्म बहनों की ओर से भेजी गईं स्नेह पातियों का वाचन किया गया। पातियों में बहनों ने अपने आराध्य से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना की। कई बहनों ने अपने जीवन की परेशानियां और भावनाएं भी पत्र के माध्यम से ठाकुरजी के समक्ष रखीं। धर्म बहनों की ओर से भेजी गई एक स्नेह पाती में लिखा गया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी बांके भैया के लिए राखी भेजी गई है। पत्र में बहन ने अपने आराध्य से कहा कि वह और उनका परिवार बार-बार ठाकुरजी के दरबार में आकर अपनी मनोकामनाएं रखते हैं। एक बहन ने सरकारी नौकरी की मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करते हुए ठाकुरजी से अपनी आस्था बनाए रखने और गलतियों के लिए क्षमा मांगते हुए राखी स्वीकार करने का आग्रह किया।
रंग-बिरंगी पोशाक और आभूषणों से सजे ठाकुरजी
ठाकुरजी के सेवायत इतिहासकार आचार्य प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी देश-विदेश में रहने वाली अनेक धर्म बहनों ने ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी महाराज के लिए राखी-पाती और उपहार भेजे हैं। सभी राखियों और उपहारों को बारी-बारी से ठाकुरजी की सेवा में समर्पित किया गया। रक्षाबंधन पर ठाकुरजी को कई रंगों की मिली-जुली पोशाक और सुंदर आभूषण धारण कराए गए। दैनिक भोग बेला में नित्य भोग सामग्री के साथ माखन-मिश्री, घेवर, फैनी और केसरिया अधौटा समेत विभिन्न दिव्य पदार्थों का भोग लगाया गया।