इस्राइल में चल रहे युद्ध को लेकर भारत में भी लोगों के दिल धड़क रहे हैं। खास तौर से उन परिवारों के जिनके लाल रोजगार के लिए इस्राइल में हैं। सरकार की कवायद पर यहां से कारीगरों को वहां भेजा गया। वहां काम कर रहे युवाओं ने अमर उजाला से बात की। बताया कि हवाई हमलों में लोगों को जान बचाने के लिए केवल 30 सेकंड का समय मिलता है। इस दौरान जो बंकर में जाकर छिप गया, वह बच जाएगा। बाहर रहने पर जान जाने का पूरा खतरा है।
लक्ष्मीनगर जमना पार निवासी स्टील फिक्सर रवि शर्मा ने फोन पर बताया कि वह नतानिया में हैं। इस समय अपने भाई राहुल के साथ पूरी तरह सुरक्षित हैं। साथ ही अवेरनी निवासी विवेक और अशोक भी उनके संपर्क में हैं और वे भी सुरक्षित हैं। भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार उनका हालचाल रहे हैं। दरअसल मथुरा से 18 कारीगरों को इस्राइल भेजा गया है। उनके परिवार इस समय परेशान हैं। हालांकि यहां भी सरकार बार बार कह रही है कि घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि हालात बिगड़ने पर उन्हें स्वदेश वापस बुला लिया जाएगा।
सहायक श्रमायुक्त बोलें सब हैं सुरक्षित
सहायक श्रमायुक्त एमएल पाल ने बताया कि इस वर्ष अप्रैल, मई, जून और जुलाई माह में 18 कारीगरों को कौशल के आधार पर चयन कर इस्राइल भेजा गया था। तभी से सभी कारीगर वहां काम कर रहे हैं। समय समय पर कारीगरों की सुरक्षा के बारे में जानकारी की जाती है। अभी तक सभी कारीगरों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। अगर, वहां कारीगरों को किसी तरह की दिक्कत होगी। तो भारत सरकार के प्रयास से उन्हें वापस बुलाया जाएगा। किसी भी कारीगर के परिवार ने विभाग पहुंचकर संपर्क नहीं किया है और यह नहीं कहा है कि उनकी वापसी कराई जाए। उन सभी की हिफाजत का जिम्मा इस्राइली सुरक्षा एजेंसियों का है।