केलिकुंज आश्रम आने के बाद जुबिन नौटियाल ने संत प्रेमानंद महाराज को 'राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगा' और दूसरा भजन 'श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी..., हे नाथ नारायण वासुदेवा...' सुनाया तो संत प्रेमानंद महाराज लंबे समय तक एकाग्र भाव से सुनते रहे। भजन पूरा होते ही मुस्कुराते हुए बोले बहुत सुंदर, बहुत सुंदर। मेरा आशीर्वाद है, आप ऐसे ही गाते रहिए। सबकी मुस्कुराहट का कारण बनते रहिए।
संत महाराज के आशीर्वाद से जुबिन और उनके परिजन खुश हो उठे। इसके अलावा जुबिन और उसके परिजनों ने श्रीबांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए। पुजारियों ने उनके गले में राधा-कृष्ण की पट्टिका पहनाई। इसके बाद वे राधा वल्लभ मंदिर और राधा रमण मंदिर भी पहुंचें, जहां उन्होंने लगभग 30 मिनट बिताए।