जिला एवं सत्र न्यायालय में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच करीब एक घंटे की बहस हुई। वन विभाग के अधिवक्ता ने न्यायाधीश के समक्ष डालमिया फार्म हाउस में मृत मिले सांप की पोस्टमार्टम रिपोर्ट रखी। कहा गया कि सांप उस दिन मरा जिस दिन पेड़ काटे गए। सांप के साथ यहां अन्य वन्य भी मारे गए। साथ ही बताया कि पेड़ काटते समय आरोपी की मोबाइल लोकेशन घटना स्थल के पास ही थी। इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने बताया कि आरोपी शंकर सेठ वैष्णो माता के भक्त हैं। ऐसे में वहा वृंदावन स्थित वैष्णो माता के मंदिर में दर्शन करने गए थे, इसलिए मोबाइल लोकेशन घटना स्थल की दिख रही है। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच करीब एक घंटे की बहस के बाद कोर्ट ने फैसला किया और उसे सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने लंच के बाद अपना फैसला सुनाया। फैसले में शंकर सेठ समेत 31 आरोपियों को एक लाख रुपये का मुचलका भरवाने के बाद जमानत दे दी गई। कोर्ट के आदेश के बाद शंकर सेठ के अधिवक्ताओं ने राहत की सांस ली, क्योंकि पिछले काफी समय से अधिवक्ता उनकी जमानत के लिए अलग-अलग कोर्ट में पैरवी कर रहे थे।
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लगभग एक माह जेल में रहना पड़ा शंकर को
पेड़ काटने के आरोपी शंकर सेठ समेत 31 आरोपियों को लगभग एक माह तक जेल में रहना पड़ा। यहां तक कि शंकर सेठ समेत सभी आरोपियों की दिवाली भी जेल में ही बीती। इससे पहले आरोपियों को विद्युत निगम मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन वन विभाग के मामले में जमानत नहीं मिली थी। बृहस्पतिवार को जैसे ही शंकर सेठ समेत अन्य आरोपियों के जमानत की जानकारी उनके परिजन को हुई तो उनमें खुशी की लहर दौड़ गई।
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