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Agra Metro: आगरा के वो एरिया...जहां अक्तूबर 2026 तक दौड़ने लगेगी मेट्रो, तय कर दी गई समय सीमा

Fri, 22 Nov 2024 11:53 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के पहले चरण में पांच स्टेशन बनाए जाएंगे। अक्तूबर, 2026 तक ये पांच स्टेशन तैयार होंगे। बाकी के नौ स्टेशन भी अगले छह महीने में बनेंगे।

 
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आगरा मेट्रो के लिए सुरंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक प्रस्तावित मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के पहले चरण में पांच स्टेशन बनेंगे। 15 किमी लंबे इस कॉरिडोर में 14 स्टेशन हैं। पांच स्टेशन में शामिल कैंट, सदर बाजार, प्रतापपुरा, कलेक्ट्रेट और आगरा कॉलेज का निर्माण 24 महीने में पूर्ण होगा। शेष नौ स्टेशन के लिए छह महीने की समय सीमा तय की गई है।
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आगरा कॉलेज मेट्रो स्टेशन कई मायनों में खास है। यहां यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। ताज पूर्वी गेट से आईएसबीटी तक पहले कॉरिडोर और कैंट से कालिंदी विहार तक दूसरे कॉरिडोर को इंटरचेंज आगरा कॉलेज पर जोड़ेगा। पांच स्टेशन बनने से दोनों कॉरिडोर चालू हो जाएंगे। लार्सन एंड टर्बो (एलएंडटी) इन पांचों स्टेशन को एलिवेटिड बनाएगा। एलएंडटी को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसीएल) से दूसरा कॉरिडोर बनाने के लिए 1267 करोड़ रुपये का ठेका मिला है।

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कैंट व सदर बाजार में एलिवेटिड ट्रैक व स्टेशन निर्माण के लिए मिट्टी की जांच शुरू हो गई है। छह मशीनों से मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं। एक पिलर भी खड़ा हो चुका है। 3 अक्तूबर से इस कॉरिडोर पर काम शुरू हुआ था। आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय के अनुसार दूसरे कॉरिडोर के पहले चरण में पांच स्टेशन बनेंगे। जिनका निर्माण अक्तूबर, 2026 तक पूर्ण हो जाएगा। जिसके बाद दोनों कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ सकेगी। उन्होंने बताया कि आगरा कॉलेज मेट्रो स्टेशन पर इंटरचेंज सुविधा होगा। आगरा कॉलेज खेल मैदान में भूमिगत मेट्रो स्टेशन का निर्माण भी अंतिम चरण में चल रहा है। यहां से यात्री एलिवेटिड ट्रैक के लिए स्टेशन पर जा सकेंगे।

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क्षतिग्रस्त घरों की जांच को आईआईटी से करार
एसएन मेडिकल कॉलेज से मोती कटरा क्षेत्र में चल रही सुरंग खुदाई के कारण क्षतिग्रस्त हुए घरों की जांच आईआईटी रुड़की की टीम करेगी। ऑनलाइन बैठक के बाद यूपीएमआरसीएल ने आईआईटी से करार कर लिया है। सुरंग खुदाई से पहले इस क्षेत्र का सर्वे स्विटजरलैंड की कंपनी एंबार्गो ने किया था। यूपीएमआरसीएल ने सर्वे व अन्य दस्तावेज भी आईआईटी की टीम को सौंप दिए हैं। मोती कटरा क्षेत्र में 146 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिनमें जैक लगाए गए हैं। इसके अलावा सुरंग खुदाई से 20 मीटर परिधि में 700 और 50 मीटर परिधि में 1700 से अधिक भवन प्रभावित हैं।

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