श्री गिर्राज महाराज कालेज में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं के माडलों ने भविष्य की एक तस्वीर पेश की। ग्लोबल वार्मिंग, गिरते भूगर्भ जल स्तर के समाधान पर भी कई माडल रखे गए। प्रथम पुरस्कार छात्रा रचना, छात्र हरतेश और हेमराज के एन्वायरमेंट फ्रेंडली विद्युत उत्पादन माडल को दिया गया। छात्र हरीनारायन, पवन और मधू के वेस्ट वाटर के पुन: प्रयोग के मॉडल को द्वितीय पुरस्कार मिला। रोहित, नीरज और सपना के वर्षा जल को पीने योग्य बनाने के मुद्दे पर बनाए गए माडल को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ पूर्व डीन अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा प्रो. मोहकम सिंह, आगरा कालेज आगरा के प्रो. अमरनाथ, श्री गिर्राज महाराज कालेज के चेयरमैन डा. गोपाल प्रसाद शुक्ला, आशुतोष शुक्ला ने किया। अतिथियों ने माडल निरीक्षण के साथ ही निर्णायक की भूमिका भी निभाई।
वर्षा की मात्रा में निरंतर कमी और भूगर्भ जल के अति दोहन से समस्या को इंगित करने के साथ ही इसका समाधान सुझाते हुए माडल बीएससी तृतीय वर्ष के माइक्रोलॉजी के छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किया। माडल में दिखाया गया कि भविष्य में जल समस्या को दूर करने के लिए बरसात के जल का संरक्षण आवश्यक है। ये संरक्षण इस प्रकार हो कि वो फसलों की सिंचाई के लिए कम से कम मात्रा में अधिक से अधिक फसलों तक पहुंच सके। पौधों को जब और जितनी आवश्यकता हो जल की मात्रा उन तक पहुंच जाए।
प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने 20 से अधिक माडल प्रदर्शित किए। इस दौरान मोहकम सिंह ने कहा कि इन माडलों को सही रूप से उपयोग कर लिया गया तो वो समय दूर नहीं जब हम पानी एवं बिजली बनाने के मामले में पूर्णतया: आत्मनिर्भर हो जाएंगे। प्रो. कल्पना गोस्वामी ने सभी का आभार जताया। प्रो. सुरभी और प्रो. चंचल आदि का विशेष योगदान रहा।