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Mathura: स्कूल संचालक ने प्रॉपर्टी डीलर के घर से पार किए थे एक करोड़, ऐसे हुआ खुलासा; सुनकर सन्न रह गए लोग

Tue, 25 Jun 2024 11:33 AM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में स्कूल संचालक ने प्रॉपर्टी डीलर के घर से एक करोड़ की चोरी की थी। पुलिस पूछताछ में उसने खुलासा किया। बात सुनकर सभी लोग सन्न रह गए। 
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agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीर्थनगरी मथुरा के फरह कस्बा में आगरा के प्रॉपर्टी डीलर की बिल्डिंग स्थित दुकान में रखी तिजोरी से एक करोड़ रुपये की चोरी की वारदात का सोमवार को पुलिस ने राजफाश कर दिया। उसी बिल्डिंग में किराए पर स्कूल चलाने वाले कृष्णकांत पचौरी व उसके साथी एक कटर मिस्त्री ने वारदात को अंजाम दिया था। कृष्णकांत कस्बे में ही स्कूल बनवा रहा है। उसी के निर्माण के लिए चोरी की थी। पुलिस ने 96.30 लाख रुपये बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया।

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एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने सोमवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि मूल रूप से फरह के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर मुकेश अग्रवाल वर्तमान में आगरा के कमला नगर में रहते हैं। उनका कहना है कि फरह स्थित बिल्डिंग को उन्होंने किराए पर दे रखा है। 

कृष्णकांत पुत्र रमेशचंद्र निवासी गढ़ी पचौरी, फरह इस बिल्डिंग में कक्षा पांच तक का स्कूल संचालित करता है। कृष्णकांत ने अपने साथी लीला उर्फ लीलाधर पुत्र लाल सिंह निवासी मोहल्ला शाही सराय, फरह संग इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।

लीला उर्फ लीलाधर को फरह से और कृष्णकांत को आगरा-मथुरा रोड भीम नगर की पुलिया से गिरफ्तार किया गया। कृष्णकांत से दो बैगों में 92 लाख रुपये व घटना में प्रयुक्त एक स्कूटी, लीला उर्फ लीलाधर से 4.30 लाख रुपये व घटना में प्रयुक्त कटर मशीन बरामद की गई है। दोनों को जेल भेज दिया गया है। स्वाट प्रभारी अभय शर्मा और इंस्पेक्टर फरह कमलेश शर्मा की खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
 

सीओ रिफाइनरी श्वेता वर्मा ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर मुकेश अग्रवाल 28 मई को पुत्र के साथ यहां आए थे। परिसर में स्थित एक दुकान, जिसमें उसके पिताजी दुकान करते थे। उसमें रखी करीब पांच क्विंटल वजन की तिजोरी में एक करोड़ रुपया रखा था।
 

मुकेश ने किराएदार कृष्णकांत को बताया कि तिजोरी का ताला ठीक से लगा नहीं है। उसमें कुछ महत्वपूर्ण कागजात रखे हैं। उनका ख्याल रखना। तभी कृष्णकांत को शक हुआ। उसने परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज देखे। इसमें देखा कि मुकेश दो बैग लेकर आया और तिजोरी में रख दिए। 
 

तिजोरी के आसपास पड़ी धूल को उठाकर तिजोरी पर फेंक दिया। इससे स्पष्ट हो गया कि इसमें कोई कागजात नहीं हैं, करीब 5 से 7 करोड़ रुपये हैं। इसके बाद उसके मन में चोरी का भाव आ गया। एक ग्राइंडर लाकर ताले काट दिए और अंदर तिजोरी को काटने की कोशिश की। मगर, तिजोरी नहीं कटी।
 

सीओ के अनुसार कृष्णकांत ने बताया कि उसने चोरी का प्लान त्याग दिया था। मगर, तीन रातों तक उसे नींद नहीं आई। सपने में नोट नजर आने लगे। उसने अपने कई मित्रों से भी कहा कि कहीं अवैध रूप से 5 से 7 करोड़ रुपये रखे हों तो क्या करना चाहिए। एक शिक्षक मित्र ने उससे कहा कि उसको लेकर अपनी जिंदगी सुधार लो।
 

फिर एक कस्बे के प्रतिष्ठित पुजारी से पूछा उन्होंने चोरी करने से मना किया। इसके बाद वह गिर्राज महाराज के दर्शन को भी गया। इसके बाद उसने अपने यहां काम करने वाले विश्वासपात्र लीला उर्फ लीलाधर कटर मिस्त्री को बुलाया। उससे चोरी की बात की। उसने पहले तो मना किया। मगर, बाद में मान गया।
 
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इन दोनों को लगा कि मुकेश अग्रवाल इसकी शिकायत नहीं करेंगे। सारा अवैध पैसा है। इसके बाद 16 जून 2024 की रात पांच घंटे तक तिजोरी को काटा और पैसे निकाल लिए। उसमें से पहले 2 लाख रुपया लीला को दिए। मगर, लीला ने झगड़ा कर तीन लाख रुपया और ले लिए। बाकी की रकम को उसने अपने पास रख लिया। इसमें से 3.10 लाख रुपये कृष्णकांत ने खर्च भी कर दिए।
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