बरसाना। राधारानी रोपवे पर बुधवार को अचानक सायरन गूंजा तो श्रद्धालुओं में हलचल मच गई। हवा में चल रही रोपवे ट्राली को बीच रास्ते रोक दिया गया और उसमें यात्रियों के फंसे होने की सूचना प्रसारित होते ही एनडीआरएफ, फायर और प्रशासनिक टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। कुछ ही मिनटों में राहत एवं बचाव दल रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों के सहारे ट्राली तक पहुंच गया। पूरे घटनाक्रम को देख वहां मौजूद श्रद्धालु भी रोमांचित हो उठे। दरअसल यह जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की ओर से आयोजित संयुक्त मॉक ड्रिल थी, जिसमें आपदा के समय रेस्क्यू अभियान का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान रोपवे में तकनीकी खराबी आने और यात्रियों के फंसने की स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम सक्रिय हुई और जवान सुरक्षा बेल्ट पहनकर ऊंचाई पर पहुंच गए। इसके बाद ट्राली में फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान रोपवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और हर गतिविधि पर अधिकारियों की नजर बनी रही।
रोपवे प्रबंधक राहुल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण और मॉक ड्रिल कराई जाती हैं। एमवीडीए की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन ने बताया कि हर माह इस प्रकार का अभ्यास कराया जाता है, ताकि आपदा के समय तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।