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UP: मथुरा की सड़कों की ये हालत देख चौंक जाएंगे,  मरम्मत में खर्च हो गए करोड़ों रुपये; फिर भी है ऐसा हाल...

Wed, 02 Apr 2025 01:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

कृष्ण की नगरी मथुरा में सड़कों का हाल बेहाल है। ऐसा नहीं है कि इन सड़कों की मरम्मत नहीं हुई। करोड़ों रुपये मरम्मत में खर्च हो गया, लेकिन इसके बाद भी ये सड़कें गड्ढों से मुक्त नहीं हो सकीं। 
 
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कृष्णापुरी में जर्जर सड़क
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विस्तार
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मथुरा कई सड़कें गड्ढों से कराह रहीं हैं। ऐसे में राहगीर हिचकोले खाकर गुजरने के लिए मजबूर हैं। इससे इतर अधिकारी बनी सड़कों की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं। वहीं सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का बजट फाइलों में ही पूरा हो रहा है। इस ओर वरिष्ठ अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हकीकत इसके उलट है। अधिकारी मथुरा-वृंदावन में सड़कों का जाल बिछाकर विकास का दावा कर रहे हैं। देखरेख के अभाव व गुणवत्ता में कमी के चलते सड़कें तय समय से पहले ही जर्जर हो रही हैं। ये सड़कें जनता के लिए परेशानी का सबब बनकर आए दिन दुर्घटना को आमंत्रित भी कर रही हैं।

ग्रामीण क्षेत्र की तमाम उपेक्षित सड़कें अब भी बदहाली के कारण सिसक रहीं हैं। कृष्णपुरी व कृष्णानगर की सड़कों का भी कुछ ऐसा ही हाल है। वर्तमान में यहां की सड़कों वा बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। मार्च के अंतिम सप्ताह में जिम्मेदारों ने टैंक चौराहे से कचहरी रोड, मछली फटक से धौलीप्याऊ रोड, डैंपियर नगर में गोल चक्कर से मछली फाटक तक की सड़क समेत कई मार्गों को फिर से बना दिया।
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कृष्णानगर के रहने वाले दुष्यंत अग्रवाल ने कहा कि रास्ते में गड्ढे ही नजर आते हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों के सड़क का सुधार करने की मांग की गई। इसके बाद भी अब तक न तो सड़क सुधरी और न ही लोगों को राहत मिली।

डैंपियर नगर निवासी विजय अग्रवाल का कहना है कि जिम्मेदार बनी सड़कों की मरम्मत कराकर पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। शहर की कई सड़कें गड्ढों से कराह रहीं हैं। डैंपियरनगर में रातोंरात बनीं बनाई सड़क की मरम्मत करा दी गई।

धौलीप्याऊ निवासी सौरभ अग्रवाल ने बताया कि सरकार में गड्ढा मुक्त सड़कों का अभियान ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। अधिकारियों को सड़कों की हालत में सुधार के लिए अभी और कार्य करने की जरूरत है। कई सड़कें राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी हुईं हैं।
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