न्यायिक जांच शुरू होने से पहले शासन ने एक बार फिर जवाहर बाग की रिपोर्ट मांगी है। इसमें वर्तमान में कानून व्यवस्था की स्थिति के साथ जवाहर बाग से जुडे़ प्रत्येक पहलू पर जानकारी तलब की गई है। रिपोर्ट डीएम और एसएसपी को संयुक्त रूप से देनी है।
तत्कालीन डीएम राजेश कुमार और एसएसपी डा. राकेश सिंह ने जवाहर बाग प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। दोनों अफसरों का स्थानांतरण होने के बाद शासन ने वर्तमान डीएम निखिलचंद्र शुक्ला और एसएसपी बबलू कुमार से नए सिरे से रिपोर्ट मांगी है।
इसमें दोनों अफसरों से जवाहर बाग हिंसा के बाद कानून व्यवस्था के बारे में भी पूछा है। इसमें संपूर्ण घटनाक्रम के साथ जवाहर बाग में हथियारों की बरामदगी, जनहानि, दर्ज एफआईआर, घायलों का विवरण, गिरफ्तारियां, वांछित सहित संपूर्ण विवरण मांगा गया है।
आयोग ने कार्यालय, स्टाफ की मांगी जानकारी
जवाहर बाग हिंसा की जांच के लिए शासन के स्तर से गठित आयोग जल्द मथुरा आ सकता है। डीएम मथुरा से कार्यालय, स्टेनो, सहयोगी स्टाफ आदि सुविधाओं की जानकारी मांगी गई है। प्रशासन अब कार्यालय की तलाश में जुट गया है। प्रशासन पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पुराने भवन को न्यायिक आयोग का कार्यालय बनाने पर विचार कर रहा है।
अब तक की रिपोर्ट
-दर्ज मुकदमे - 74
-वांछित लोग - 2500
-कुल गिरफ्तारी -267
- महिलाएं -96
- बच्चे -76
-घायल -250
-पोस्टमार्टम मथुरा में -21
-पोस्टमार्टम आगरा में-04
-हथियारों की बरामदगी
देसी कट्टे -47
विस्फोटक सामग्री से भरे थैले-7
बड़ी गाड़ियां-15
मोटर साइकिल-06
राइफल-06
कारतूस-78
जवाहर बाग की क्षति
आपरेशन जवाहर बाग से पहले तक कब्जाधारियों ने 3500 से ज्यादा पेड़-पौधों को नष्ट कर दिया था। दो जून को हुई आगजनी में करीब 600 पेड़-पौधे जल गए। उद्यान विभाग अब तक करीब एक करोड़ के आसपास की क्षति का आकलन करके चल रहा है।
हिंसा के बाद मथुरा आए ये..
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, डीजीपी जावीद अहमद, प्रमुख सचिव गृह