भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में नृसिंह जयंती धूमधाम से मनाई गई। सुबह मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान नृसिंह के विग्रह का अभिषेक किया गया। शाम को भव्य फूल बंगला सजाए गए। मंदिरों पर देर रात तक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
ठाकुर श्रीद्वारिकाधीश मंदिर में संध्या आरती के पश्चात शाम को भव्य नृसिंह लीला का आयोजन किया गया। इसमें कलाकारों ने नृसिंह, हिरण्यकश्यप और भक्त प्रहलाद के स्वरूपों ने जीवंत किया। इसके बाद ठाकुरजी का अभिषेक और नृसिंह भगवान के जन्म दर्शनों का आयोजन किया गया।
हलुआ और शरबत का प्रसाद पाने के लिए भक्तों में होड़ रही। यमुना किनारे असकुंडा स्थित प्राचीन मंदिर में सेवायत पुजारी पंडित मनोज मिश्र और मुन्ना लाल मिश्र के सानिध्य में दोपहर 12 बजे भगवान नृसिंह के विग्रह का पंचामृत से अभिषेक किया गया। शाम को फूल बंगला सजाया गया।
इस दौरान नेपाल में आए भूकंप पीड़ितों के परिवारीजनों को शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की गई। मथुरा व्यापार समिति के तत्वावधान में भूतेश्वर स्थित नृसिंह बगीची सेवायत पुजारी हरिदास के सानिध्य में सुबह आकर्षक शृंगार किया गया। शाम को भव्य फूल बंगला सजाया। प्रसाद वितरण हुआ।