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UP Board Result: राशन डीलर की बेटी काजल बनीं जिला टॉपर...मोबाइल से की पढ़ाई, सोशल मीडिया से बनाए रखी दूरी

Sat, 26 Apr 2025 12:06 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परिणाम ने मेधावियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। राशन डीलर की बेटी ने जिला में परचम लहरा दिया तो पांचवीं पास पिता के बेटे ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। रिजल्ट जारी होते ही मेधावियों को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया।
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इंटर के मेधावी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मथुरा में माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा शुक्रवार को बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया। इंटरमीडिएट में श्री बालभद्र इंटर कॉलेज बलदेव की छात्रा काजल ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉप किया। 12वीं का परीक्षा परिणाम इस बार 4.16 प्रतिशत गिरकर 76.97 प्रतिशत रहा। वहीं प्रदेश में मथुरा 64वें पायदान पर रहा।
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इंटरमीडिएट में काजल जहां जिला टॉपर रहीं तो वहीं एएसएस इंटर कॉलेज केहरी गढ़ी राया के छात्र नितिन ने 90.20 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर बीकेजीएस इंटर कॉलेज परखम के छात्र कृष्णा झा ने 89.80 प्रतिशत अंकों के साथ कब्जा किया। 

इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 37497 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें से 36895 ही परीक्षा में शामिल हुए थे। शुक्रवार को परीक्षा परिणाम जारी हुआ तो 28398 छात्र-छात्राएं पास हुए तो वहीं 8497 फेल हो गए। इस बार परीक्षा परिणाम बीते वर्ष के मुकाबले गिर गया। 2024 में 12वीं का परीक्षा परिणाम 81.13 प्रतिशत था, जो इस बार 4.16 प्रतिशत गिरकर 76.97 प्रतिशत रहा।
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प्रदेश की अगर बात करें तो इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम में मथुरा की साख गिरी है। 2024 में मथुरा 12वीं के परीक्षा परिणाम में 51वां स्थान प्राप्त किया था जो इस बार 64 रहा। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद कहीं छात्रों के चेहरे पर मुस्कान तो कहीं मायूसी नजर आई। टॉपर्स को बधाई देने का सिलसिला दिन भर चलता रहा।

 

राशन डीलर की बेटी कागज बनीं जिला टॉपर
किसान व राशन डीलर पुरुषोत्तम सिंह की बेटी काजल ने इंटरमीडिएट में जिला टॉप पर परिवार का नाम कर दिया। काजल ने श्री बलभद्र इंटर कॉलेज से पढ़ाई की है। काजल के 500 में से 460 अंक प्राप्त कर 92 फीसदी अंक आए हैं। काजल ने बताया कि वह स्कूल से आने के बाद 5 से 6 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। पढ़ाई के लिए ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करती थीं इसके साथ ही वह सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। आठ भाई-बहनों में काजल चौथे नंबर की है। वह आगे यूपीएससी की तैयारी करेंगी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मां कांता देवी, पिता पुरुषोत्तम सिंह व शिक्षकों को दिया है। जिले में पहले स्थान पर विद्यालय स्टाफ ने उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया। प्रबंधक प्रतिनिधि सुधाकर उपाध्याय, प्रधानाचार्य केपी सिंह चौधरी, प्रदीप कौशिक, जय कुमार, अतुल कुमार, शेर बहादुर, दिग्विजय सिंह ने मिठाई खिलाई। 

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पिता के सपनों को पूरा करेंगे नितिन
पिता के सपने को पूरा कर रहे नितिन ने इंटरमीडिएट में जिले में दूसरे स्थान पर रहे हैं। नितिन ने एएसएस इंटर काॅलेज केहरीगढ़ी से पढ़ाई की है। नितिन ने 500 में से 451 अंक प्राप्त कर 90.2 फीसदी रैंक बनाई। नितिन के पिता बनवारी ने बताया कि उन्होंने पांचवीं तक की पढ़ाई की हैं जबकि मां बबिता दसवीं में फेल हैं। नितिन अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिदिन 7 से 8 घंटे तक की पढ़ाई करते थे। वह पढ़ाई के समय सोशल मीडिया से काफी दूर रहते थे। पढ़ाई के लिए वह सुबह 4 बजे उठकर भी प्रतिदिन करते थे। नितिन आगे इंजीनियर बनना चाहते हैं। उन्होंने पढ़ाई का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उधर, प्रधानाचार्य महेश पाल सिंह ने बताया कि नितिन ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सभी ने मिठाई खिलाकर बधाई दी। संवाद

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तुलसी की माला बनाने वाले का बेटा आया तीसरे स्थान पर
कृष्णा झा ने जिले में तीसरा स्थान प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन किया है। कृष्णा ने इंटर में 500 में 449 अंक प्राप्त कर 89.80 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने बीकेजीएस इंटर कॉलेज परखम से पढ़ाई की है। वह अपने पिता के सपनों को पूरा करके दिखाएंगे। कृष्णा के पिता बंटी झा ने उस समय परिस्थिति खराब होने के चलते पढ़ाई नहीं की है, इसके साथ ही उनकी मां ललिता देवी दसवीं पास हैं। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई नहीं की है। कृष्णा ने बताया कि वह आगे संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की परीक्षा देकर कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता तुलसी की माला बनाते हैं और कालीन का कार्य करते हैं। वह पिता के सभी सपनों को पूरा करेंगे। कृष्णा की एक बहन हैं जो उनसे बड़ी है। संवाद

आंकड़े
-37497 छात्र-छात्राएं थे इंटरमीडिएट में पंजीकृत
-36895 छात्र-छात्राएं परीक्षा में हुए शामिल
-28398 छात्र-छात्राएं हुए पास
-76.97 प्रतिशत रहा इंटरमीडिएट का परिणाम

 
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