भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में शुक्रवार को प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव की धूम रही। दोपहर को मंदिरों में जन्माभिषेक के साथ ही बधाई गायन शुरू हो गया। शाम को नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
श्रीराम जन्म महोत्सव समिति की आरे से घीया मंडी स्थित श्रीराम चंद्र मंदिर में दोपहर 12 बजे वेदपाठी ब्राह्मणों ने वैदिक रीति से प्रभु के विग्रह का पंचामृत से अभिषेक किया। इसके बाद बधाई गायन और फिर शृंगार दर्शन, आरती हुई।
शाम को मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसका शुभारंभ वृंदावन के संत रामदेवानंद, संत गिरी, राजा बाबा और अपर जिला जज बीएम त्रिपाठी ने किया। शोभायात्रा में पंजाब के सिख अखाड़े ने हैरत अंगेज करतब दिखाए। इस अवसर पर गंगाजी की झांकी, गणेशजी, शिव पार्वती, राधाकृष्ण की झांकी, डांडिया, चरकुला नृत्य की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
अंत में बनारसी शैली में तैयार रथ में प्रभु श्रीराम भक्तों को दर्शन दे रहे थे। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र भगत, मनुरिशी, कृष्ण कांत, प्रचार मंत्री अमित भारद्वाज, हेमंत चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
श्री रामलीला सभा की ओर से चित्रकू ट मसानी पर राम-जानकी-लक्ष्मणजी के विग्रह का मंत्रोचारण के साथ दुग्धाभिषेक किया गया। पूजा अर्चना के साथ विग्रह को चांदी की चौकी पर विराजमान किया गया। नगर में शोभायात्रा निकाली गई।
सर्व प्रथम विघ्ननाशक गणेशजी की सवारी के साथ-साथ श्रीनाथजी, दुर्गा, श्रीराम के विराट स्वरूप की सवारी आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, कन्हैया लाल, सोहन लाल शर्मा, उमेश, वनवारी लाल गर्ग, अशोक अग्रवाल, अजय मास्टर, विनोद अग्रवाल, संजय, विपुल आदि मौजूद रहे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भागवत मंदिर स्थित श्रीराम मंदिर में रामचरित मानस के पाठ के साथ जन्म की बधाइयां गाई गईं। दोपहर 12 बजे जन्माभिषेक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भव्य फूल बंगला सजाया गया।