वृंदावन के समीपवर्ती गांवों में खुले शराब के ठेकों के खिलाफ संत और हिंदूवादी लामबंद हो रहे हैं। धर्म रक्षा संघ ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर गांव सुनरख, धौरेरा आदि में खुले शराब के ठेकों को बंद करने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।
वित्तीय वर्ष में भी वृंदावन से सटे गांवों में शराब की दुकान के आवंटन से संत, हिंदूवादी संगठनों के साथ-साथ ग्रामीण आक्रोशित हो गए हैं। संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़ और राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश ने कहा कि धार्मिक नगरी वृंदावन में शराब की बिक्री से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। आए दिन लोग शराब पीकर क्षेत्र में उत्पात मचाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की अखिलेश सरकार आने के बाद बांकेबिहारी की नगरी में शराब पर प्रतिबंध की धज्जियां उड़ गईं हैं। उन्होंने डीएम को दिए ज्ञापन में बीते दिनाें छात्रा के आत्मदाह की घटना का जिक्र करते हुए इसके लिए शराब के ठेकों को जिम्मेदार ठहराया। इस अवसर पर किशन चौधरी, अमर सिंह, राधा चरण राघव, देवीचरण गौतम, राजेश शास्त्री, डोरीलाल बघेल आदि साथ थे।