छाता शुगर मिल के संचालन की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक परिषद के बैनर तले चल रहा धरना प्रदर्शन सोमवार को एक नए और उग्र मोड़ पर पहुंच गया। पिछले 40 दिनों से जारी इस धरने में सोमवार को हजारों किसान और महिलाएं एकजुट होकर धरना स्थल पर पहुंचे और गन्ना मिल चलाओ जैसे जोरदार नारे लगाए।
देर रात पुलिस द्वारा धरनारत लोगों को हटाए जाने की घटना के बाद सोमवार को आंदोलन ने और अधिक तूल पकड़ लिया। धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए भूतपूर्व सैनिक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूबेदार कर्मयोगी ललित कुमार ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चलाया जा रहा है, जिससे सरकारी कामकाज में कोई बाधा उत्पन्न न हो। सरकार को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने मंच से आह्वान किया, या तो शुगर मिल का संचालन शुरू किया जाए, अन्यथा सांसद समेत पांचों सीटें खाली कर दें।
वहीं, धरने में शामिल हुए हेमंत गुर्जर ने कहा कि जब केंद्रीय स्तर पर मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ सकता है तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों को भी जनता के हितों के आगे जवाबदेह होना होगा। प्रदर्शन के दौरान जबर सिंह प्रधान, दिगंबर चौधरी, जोगेंद्र सूबेदार, इंद्रजीत सूबेदार, ठकुरी सूबेदार, कैलाश प्रधान, किशन सिंह आर्य, महिपाल आर्य, लोकमणीकांत जादौन, भावना और सत्यवती सहित हजारों की संख्या में क्षेत्र के किसान और महिलाएं मौजूद रहे।