बाजार में फसल आने के बाद महंगाई की आग ठंडी होने के बजाय भड़क गई है। बीते एक माह में ही दाल, खाने के तेल की कीमत 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गई है। इसके चलते रसोई का बजट बुरी तरह गड़बड़ा गया है। लोगों को चिंता इस बात की है कि महंगाई का हाल अभी से ये है तो फिर बाद में आलम क्या होगा।
आम तौर पर बाजार की धारणा रहती है कि जब खेतों से कटकर फसल बाजार में पहुंचती है तो कीमतें निचले स्तर पर आ जाती है। लेकिन इस बार हालात उलट हैं। बाजार में चना, सरसों और दालों की फसलें पहुंची हैं लेकिन कीमतें गिरने के स्थान पर बढ़ रही हैं। बीते एक माह में ही अरहर, चना, उड़द की दाल के अलावा सरसों के तेल, रिफाइंड की कीमतों में 20 से 30 फीसदी तक का इजाफा दर्ज किया गया है।
कारोबारी विमल गुप्ता ने बताया कि बाजार में तेजी के पीछे कम उत्पादन, सूखे की धारणा को कारण बताया जा रहा है।
चीनी भी हुई कड़वी
मथुरा। चीनी की मिठास को भी महंगाई ने डस लिया है। बीते एक माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो चीनी 32 रुपये से बढ़कर 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
खाद्य पदार्थ एक माह पहले अब
चीनी 32 40
चना 45 65
चना की दाल 52 72
अरहर की दाल 150 170
उड़द की दाल 145 180
सरसों का तेल 70 78
रिफाइंड 65 72
(सभी भाव कि ग्रा/प्रति लीटर)