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.श्रीबांकेबिहारी की छवि को अपलक निहारते रहे राष्ट्रपति कोविंद

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वृंदावन (मथुरा)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का वृंदावन की पावन धरा पर आगमन आध्यात्मिक भावनाओं से परिपूर्ण रहा। श्री राधाकृष्ण की पावन भूमि में दूसरी बार आकर राष्ट्रपति न सिर्फ अभिभूत दिखे बल्कि ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की छवि को अपलक निहारते रहे। दर्शन के वक्त राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ सहित कृष्णा कुटीर की पांच माताओं ने भी किए दर्शन किए। कोविंद ने करीब ४० मिनट मंदिर में रुककर पूजा पाठ किया।
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सुबह लगभग 9:45 बजे राष्ट्रपति कृष्णा कुटीर के निकट बने हेलीपैड पर उतरे तो राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका अभिनंदन किया। हेलीपैड से राष्ट्रपति पत्नी सविता कोविंद और पुत्री के साथ ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के लिए वीआईपी मार्ग से गोल्फ कार्ट से 10:10 बजे मंदिर के सिंह द्वार पर पहुंचने पर चैतन्य बिहार महिला आश्रय स्थल की रमा तिवारी, शिवानी मंडल, पार्वती, राधा विश्वास और राधा रानीदास ने चंदन लगाकर स्वागत किया और सेवायतों ने अगवानी की।
राष्ट्रपति ने जब मंदिर में प्रवेश किया तो भारी सुरक्षा और गरिमापूर्ण वातावरण था लेकिन हर बीतते क्षण के साथ वे ब्रज की आस्था और महिमा की गहराइयों में डूबते चले गए। फूलबंगला में विराजे ब्रज के लाडले ठाकुर श्रीबांकेबिहारी को अपलक निहारते रहे। ठाकुरजी ने नीले और पीले रंग की जड़ाऊ पोशाक धारण कर रखी थी। मंदिर में पहुंचते ही देहरी पूजन किया और 5 दीपक जलाए। मंदिर में आचार्य अवधेश बादल ने पूजन कराया। इसके बाद उन्होंने पंडितों को दक्षिणा दी। मंदिर में उन्होंने पहले साथ आईं माताओं को ठाकुरजी का प्रसादी वस्त्र और प्रसाद देने के लिए मंदिर सेवायतों से कहा।
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सेवायत बालकिशन गोस्वामी, प्रणव गोस्वामी, ज्ञानेंद्र गोस्वामी व अन्य ने उन्हें पूजन कराया तथा ठाकुरजी की प्रसादी, पटुका, चंदन, पुष्पमाला और इकलाई आदि भेंट कीं। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण से वातावरण आध्यात्मिक शिखर का स्पर्श कर रहा था। देशी-विदेशी फूलों से सजे मंदिर में चहुंओर सुगंधित वातावरण था। वहीं गोस्वामियों द्वारा वृंदावन की महिमा, परंपरा, ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज की लीलाओं और संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास महाराज की उपासना पद्धति आदि पक्षों से अवगत कराया। इस दौरान मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा व प्रबंधक प्रशासन उमेश सारस्वत भी थे।
छतों पर लंगूर रहे तैनात
जिला प्रशासन ने श्रीबांकेबिहारी मंदिर के आसपास घरों की छतों और गलियों में १२ लंगूरों की तैनाती की। इसके अलावा पुलिसकर्मी गुलेल लेकर बंदरों को भगाते रहे। मालूम हो कि वृंदावन में बंदर चश्मे व हाथों से सामान छीन लेते हैं, इसे रोकने का प्रबंध किया गया था।
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